
मुंबई। राज्य सरकार के सहयोग से पुणे जिला प्रशासन और सायक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही ‘पुणे ग्रॅण्ड चॅलेंज टूर’ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की वार्षिक साइक्लिंग स्पर्धा होगी, जो पुणे को एक प्रमुख पर्यटन स्थल और वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। यह प्रतियोगिता अगले तीन से चार वर्षों में वैश्विक खेल मानचित्र पर एक लोकप्रिय और मान्यता प्राप्त आयोजन के रूप में स्थापित होगी, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान भवन में आयोजित समारोह में व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पुणे के जिलाधिकारी और सीएफआई के बीच 2026 में होने वाले आयोजन के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, खेल मंत्री दत्तात्रय भरणे, सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, मुख्य सचिव राजेश कुमार, सीएफआई अध्यक्ष पंकज सिंह, महासचिव महेंद्र पाल सिंह, और अन्य अधिकारी व गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरभूमि पुणे न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है, बल्कि औद्योगिक और तकनीकी प्रगति का केंद्र भी है। उन्होंने कहा, “इस प्रतियोगिता के माध्यम से खेलों के नए अवसर उत्पन्न होंगे, पुणे की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विशेषताओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकेगा और पर्यटन एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुनिया के 200 से अधिक देशों में साइक्लिंग के लाखों प्रशंसक हैं, और यह स्पर्धा उन्हें पुणे की परंपरा, प्रकृति और संस्कृति से परिचित कराने का सुनहरा अवसर होगी। यह न केवल स्वस्थ जीवनशैली, फिटनेस संस्कृति, और पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देगी, बल्कि पुणे के ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास और कनेक्टिविटी के लिए भी आधार तैयार करेगी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि पुणे की पहचान साइक्लिंग के शहर के रूप में पहले से रही है और यह करार उस पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग में पुणे के योगदान को भी रेखांकित किया। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने बताया कि प्रतियोगिता को सीएफआई की मान्यता प्राप्त है, और अब इसे यूसीआई (Union Cycliste Internationale, स्विट्ज़रलैंड) से मान्यता मिलने की प्रतीक्षा है। यूसीआई से अनुमति मिलने के बाद यह प्रतियोगिता 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक के लिए क्वालिफाइंग इवेंट बन सकती है। इस प्रतियोगिता के मार्ग में सह्याद्री पर्वतमालाएं, ऐतिहासिक किले, प्राकृतिक जलाशय, वन्यजीव अभयारण्य और ग्राम्य सौंदर्य के दृश्य शामिल किए जाएंगे, जिससे इन स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रचारित किया जा सकेगा। इसके फलस्वरूप पुणे सहित आस-पास के जिलों में एडवेंचर स्पोर्ट्स, पर्यटन और संस्कृति के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके साथ ही स्थानीय रोजगार, बुनियादी ढांचे का विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था में उछाल आने की संभावना जताई गई है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राजगोपाल देवरा, खेल विभाग के अनिल डिग्गीकर, वित्त विभाग के विजय सौरभ, पर्यटन सचिव अतुल पाटणे, विभागीय आयुक्त चंद्रकांत पुलकुंडवार, पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम, और मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। पुणे ग्रॅण्ड चॅलेंज टूर महाराष्ट्र की खेल-राजनीति और सांस्कृतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में न केवल पुणे बल्कि सम्पूर्ण भारत की खेल प्रतिष्ठा को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।



