
पुणे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “योग हमारी संस्कृति, परंपरा और सौभाग्यपूर्ण जीवन की कुंजी है, साथ ही यह एक वैज्ञानिक और चिकित्सीय पद्धति भी है। उन्होंने यह आह्वान किया कि भक्ति और योग के समन्वय से हम एक स्वस्थ, सशक्त और सुसंस्कृत समाज का निर्माण कर सकते हैं। यह बात उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय, संत ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान (आळंदी) एवं संत तुकाराम महाराज संस्थान (देहू) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘वारकरी भक्ति‑योग’ कार्यक्रम में कही। इस विशेष आयोजन में हजारों वारकरी, विद्यार्थी, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने सहभाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग आज विश्व स्तर पर तनाव-मुक्ति, स्वास्थ्य और समग्र कल्याण का माध्यम बन गया है। भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित योग दिवस को आज 11 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि ‘एक भूमि, एक आरोग्य’ के संदेश को वारकरी संप्रदाय ने सामूहिक योग के माध्यम से जीवंत किया है, जिसमें 700 कॉलेजों के छात्रों और हजारों वारकरी जनों ने सहभाग किया। इस अवसर पर ‘आरोग्य वारी’ की भी शुरुआत की गई। कार्यक्रम में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ, संत साहित्य परंपराविद डॉ. सदानंद मोरे, विठ्ठल‑रुख्मिणी संस्थान के सह-अध्यक्ष गहिनीनाथ औसेकर, कुलगुरु डॉ. सुरेश गोसावी, संभागीय आयुक्त चंद्रकांत पुलकुंडवार, पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, जिला कलेक्टर जितेंद्र दूडी, खेल निदेशक शीतल तेली उगले, तथा राजेश पांडे (विश्वविद्यालय परामर्शी परिषद) प्रमुख रूप से उपस्थित थे। मंत्री चंद्रकांत पाटील ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज करीब 1 करोड़ लोग एक साथ योग कर रहे हैं, जो 5000 वर्षों पुरानी परंपरा की आधुनिक पुनर्स्थापना का प्रतीक है। राजेश पांडे ने कहा कि योग की जड़ें पतंजलि और गौतम बुद्ध के समय से विकसित हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे वैश्विक मंच तक पहुँचाया। पुणे में 187 कॉलेजों, 1200 से अधिक शिक्षकों, और 6000 से अधिक छात्रों ने इस आयोजन में भाग लिया। योग प्रशिक्षक डॉ. पल्लवी कव्हाणे की टीम ने प्रतिभागियों को ताड़ासन, भुजंगासन, अर्धशलभासन, मकरासन, कपालभाती और अनुलोम-विलोम जैसे योगासन करवाए। इस अवसर पर संगीत दिवस भी मनाया गया, जिसमें अभंग गायन की प्रस्तुति ने भक्तिमय वातावरण को और भी सजीव बना दिया। कार्यक्रम में विधायक भीमराव तापकीर, हेमंत रासने, सुनील कांबळे, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, महानगर आयुक्त शेखर सिंह, जिला परिषद सीईओ गजानन पाटील, प्रो-वाइस चांसलर पराग काळकर, संत ज्ञानेश्वर संस्थान की विश्वस्त अॅडवॉकेट राजेंद्र उमापे, भावार्थ देखणे सहित सत्यं सेवक और विदेशी नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।




