
छत्रपति संभाजी नगर। छत्रपति संभाजी नगर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा की उपस्थिति में सरकारी कैंसर अस्पताल में अत्याधुनिक रेडिएशन थेरेपी प्रणाली ‘ट्रू बीम यूनिट’ तथा राज्य कैंसर संस्थान के विस्तारित भाग का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल शिक्षा विभाग के समन्वय से अगले तीन से चार वर्षों में स्वास्थ्य सेवा का तीन-स्तरीय ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे हर व्यक्ति को उसके आवास से तीन से पांच किलोमीटर के भीतर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि जीवनशैली में बदलाव के कारण कैंसर के मामले बढ़े हैं और ट्रू बीम जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से अत्यधिक लक्षित रेडिएशन उपचार संभव हो गया है। अब मरीजों को टाटा मेमोरियल जैसे बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि छत्रपति संभाजी नगर में यह सुविधा उपलब्ध हो गई है, जो मराठवाड़ा और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2016 में इस अस्पताल को राज्य कैंसर संस्थान का दर्जा दिया था, जिससे इस उन्नयन का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने कैंसर के शीघ्र निदान के महत्व पर बल दिया और कहा कि सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में कैंसर स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कैंसर के व्यापक निदान और उपचार के लिए PET-CT स्कैनर की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले दो-ढाई वर्षों में राज्य में लगभग दस नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, चिकित्सा शिक्षा के लिए सीटों की संख्या बढ़ी है, 5000 करोड़ रूपए का कर्ज लेकर पायबद्ध सुविधाओं का विकास किया गया है और सामान्य अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदलने के बाद अब नए सामान्य अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस मौके पर कहा कि देश में स्वास्थ्य उपचार बुनियादी ढांचे के निर्माण पर बड़े पैमाने पर ध्यान दिया जा रहा है, विशेष रूप से इस वर्ष कैंसर उपचार पर। शीघ्र निदान और उपचार के चलते 90 प्रतिशत मरीजों का 30 दिनों के भीतर उपचार शुरू हो चुका है, जिसे वैश्विक स्तर पर सराहा गया है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर 2019 में उन्होंने भूमि पूजन किया था, वहां आज भव्य और आधुनिक अस्पताल खड़ा है। उन्होंने कहा कि 200 डे-केयर सेंटर इस वर्ष स्थापित किए जाएंगे, नर्सिंग शिक्षा के लिए नई नीति के तहत 100 नए नर्सिंग कॉलेज बनाए जाएंगे, और आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ नागरिकों को 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। ट्रू बीम प्रणाली के माध्यम से कैंसर उपचार अधिक सटीक और प्रभावी होगा, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। नड्डा ने बताया कि देश में 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं, जहां कैंसर सहित अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। मुंह के कैंसर और महिलाओं में स्तन कैंसर का समय पर निदान हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने बड़ा बजट आवंटित किया है और स्वास्थ्य सेवाओं व चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 7000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, और एक और नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जिससे कुल 11 नए कॉलेज बनेंगे और 700 मेडिकल सीटें बढ़ेंगी। मेडिकल शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि आज का दिन राज्य कैंसर संस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण है। 2012 में 100 बिस्तरों के साथ शुरू हुआ कैंसर अस्पताल अब 300 बिस्तरों तक विस्तारित हो गया है। उन्होंने कहा कि जनआरोग्य योजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं और जल्द ही PET स्कैन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मराठवाड़ा के कैंसर रोगियों के लिए यह सुविधा निश्चित रूप से वरदान साबित होगी। उन्होंने संस्थान को AIIMS का दर्जा देने की मांग भी रखी। मुश्रीफ ने बताया कि राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाओं पर बल दिया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन 3000 से 4000 मरीज ओपीडी में आते हैं, और उन्हें उत्तम सेवा देना सरकार का कर्तव्य है। अगले दो वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में उच्चस्तरीय उपचार सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि मरीजों को निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता न पड़े।इस अवसर पर राज्य कैंसर संस्थान के सलाहकार डॉ.कैलास शर्मा ने कैंसर उपचार प्रणालियों के बारे में जानकारी दी। भारतीय बहुजन कर्मचारी संघ ने केंद्रीय मंत्री जे.पी.नड्डा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मेडिकल प्रयोगशाला विधेयक पारित कराने के लिए सम्मान किया। इस कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, छात्र और विभिन्न विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




