
नागपुर। प्रयागराज में इस समय सनातन संस्कृति के भव्य स्वरूप को प्रदर्शित करने वाला कुंभ मेला जारी है, जिसे आस्था का ऐसा विराट संगम कहा जा सकता है, जो दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। हजारों वर्षों से कुंभ मानवीय संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक बना हुआ है, जहां श्रद्धालु जाति, भाषा और पंथ की सीमाओं से परे एकत्र होते हैं, जिससे यह समाज की एकता और समरसता का प्रतीक बन जाता है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा। मुख्यमंत्री नागपुर के रेशीमबाग मैदान में आयोजित ‘महाकुंभ प्रयाग योग’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि अब तक 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कुंभ मेले में स्नान कर चुके हैं। जो श्रद्धालु कुंभ में जाने से वंचित रह गए, उनके लिए प्रयागराज के संगम का जल नागपुर लाया गया है, जिससे वे भी इस पुण्य अवसर का लाभ उठा सकें। अब तक करोड़ों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं, लेकिन जो वहां नहीं जा सके, उन्हें भी इस पवित्र जल से स्नान का अनुभव मिले, इसी उद्देश्य से संगम का जल रामटेक मार्ग से नागपुर लाया गया और ‘महाकुंभ प्रयाग योग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर द सत्संग फाउंडेशन, नागपुर केंद्र के अध्यक्ष निवृत्त न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे, राजेश लोया, अमेय हेटे और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




