Saturday, March 14, 2026
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3 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश: मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई पुलिस की एंटी‑एक्सटॉर्शन सेल (एईसी) ने सरकार से जुड़े एक संवेदनशील निर्माण प्रोजेक्ट के नाम पर करीब 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दस दिन पहले मुख्य आरोपी डॉ. अजय कुमार शर्मा (40) को नोएडा स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। इसी मामले में आगे कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दूसरे आरोपी जवाहर सिंह (64) को मीरा रोड के नया नगर इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपी को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 17 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह मामला टुटेक विजन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेश जगन्नाथ बडगुजर (56) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कांदिवली में एक सरकारी निर्माण प्रोजेक्ट का ठेका दिलाने का झांसा देकर उनकी कंपनी से लगभग 2.97 करोड़ रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्ष 2017 में उन्होंने अपने सहयोगियों दीपक माटे और ओंकार लालसरे के साथ मिलकर नासिक के एमआईडीसी अंबड में टुटेक विजन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी, जो औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी, पाइपलाइन और औद्योगिक निर्माण परियोजनाओं पर काम करती है। एफआईआर के अनुसार जनवरी 2025 में कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मृगन शेखर ने कांदिवली पश्चिम में पोइसर मेट्रो स्टेशन के पास लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत वाले सरकारी निर्माण प्रोजेक्ट की जानकारी दी। आरोप है कि यह प्रोजेक्ट एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था और आरोपियों ने दावा किया कि शिकायतकर्ता की कंपनी इसमें पार्टनर कॉन्ट्रैक्टर के रूप में शामिल हो सकती है। आरोप है कि विभिन्न औपचारिकताओं के नाम पर आरोपियों ने रॉयल्टी, बैंक गारंटी मार्जिन मनी और अन्य शुल्क की मांग की। इसके बाद 2 अप्रैल 2025 को शिकायतकर्ता कंपनी ने डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 1.14 करोड़ रुपये एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी को ट्रांसफर किए। 7 अप्रैल 2025 को आरोपी पक्ष ने कथित रूप से ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ जारी किया और 12 जून 2025 को दोनों पक्षों के बीच औपचारिक समझौता हुआ। इसके बाद आरोपियों ने सरकारी विभाग से संबंधित औपचारिकताओं के नाम पर और पैसे मांगे। शिकायतकर्ता कंपनी ने 7 जुलाई 2025 को 74 लाख रुपये और 7 अगस्त 2025 को 1.09 करोड़ रुपये ‘इन्फ्रा एशियन’ नाम की फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दिए, जिसे डॉ. अजय कुमार शर्मा नियंत्रित करते थे। हालांकि पैसे मिलने के बावजूद आरोपियों ने कथित रूप से न तो निर्माण स्थल सौंपा और न ही काम शुरू करने की अनुमति दी। बाद में जांच में सामने आया कि यही प्रोजेक्ट 30 मई 2025 को ‘इलेक्ट्रोकूल इंजीनियरिंग’ नाम की दूसरी फर्म को दे दिया गया था और उनसे भी करीब 4.80 करोड़ रुपये वसूले गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार अक्टूबर 2025 में दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान आरोपी ने कथित रूप से पैसे दूसरे प्रोजेक्ट में लगाने की बात स्वीकार की और रकम लौटाने से इनकार कर दिया। साथ ही शिकायतकर्ता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई और एक कथित गैंगस्टर ‘रोमेश शर्मा’ का नाम लेकर पुलिस में शिकायत न करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद 11 दिसंबर को शिकायतकर्ता ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी के साझेदारों- अजीत सिंह यादव, सुरेंद्र यादव, दया यादव, अजय कुमार शर्मा, विवेक सिंह, हरि पांडे और जवाहर सिंहपर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया गया। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल कर रही है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि इसी प्रोजेक्ट के नाम पर कई अन्य ठेकेदारों से भी ठगी की गई हो सकती है।

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