
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर, छत्तीसगढ़। सी.एम.दुबे पी.जी.कॉलेज एवं कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय “लॉन्चपैड प्रोग्राम 1.0” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस इंटर्नशिप एवं कौशल विकास कार्यक्रम में सी.एम. दुबे पी.जी. कॉलेज तथा शासकीय ई. राघवेन्द्र राव पी.जी. साइंस कॉलेज, बिलासपुर के 20 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता कर आधुनिक तकनीकी कौशल अर्जित किए। कम्प्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ.एस.पावनी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बीए भूगोल, बीकॉम, बीएससी कम्प्यूटर साइंस, बीसीए, बीएससी आईटी तथा एमएससी कम्प्यूटर साइंस सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों का ज्ञान केवल तकनीकी पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी विषय का विद्यार्थी इन कौशलों को सीखकर अपने करियर को नई दिशा दे सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI टूल्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, पायथन प्रोग्रामिंग, वेबसाइट डिज़ाइनिंग, लिंक्डइन प्रोफाइल निर्माण तथा प्रभावी वक्तृत्व कला का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने AI की सहायता से प्रोफेशनल हेडशॉट तैयार करना, रोजगार अवसरों का विश्लेषण कर तैयारी का रोडमैप बनाना, लंबी सामग्री का सारांश एवं MCQ तैयार करना तथा जटिल आंकड़ों का विश्लेषण करना सीखा।
पायथन प्रोग्रामिंग प्रशिक्षण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने डेटा क्लीनिंग प्रोजेक्ट, BMI कैलकुलेटर सहित विभिन्न मिनी प्रोजेक्ट तैयार किए। वहीं प्रत्येक प्रतिभागी ने अपनी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो वेबसाइट विकसित की तथा AI की सहायता से पोस्टर एवं निमंत्रण-पत्र डिजाइन करना भी सीखा। कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि एलिवेटर पिच प्रशिक्षण रही, जिसमें प्रतिभागियों को 90 सेकंड से कम समय में अपने स्टार्टअप एवं व्यावसायिक विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का कौशल सिखाया गया। समापन समारोह में नीलेश बोले एवं टी. वामशी साई ने अपने नवाचारपूर्ण व्यावसायिक विचार प्रस्तुत कर उपस्थितजनों की सराहना प्राप्त की। समापन समारोह की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह एवं विभागाध्यक्ष डॉ.एस.पावनी ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम के सफल संचालन में कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के विनय सर का विशेष योगदान रहा। समारोह में नीलेश बोले, विनोद साहू, आदित्य देवांगन, टी.वामशी साई, मधु राजपूत, एन.चंद्रशेखर, विशाखा पाइकरा सहित सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अप्रतिम सैमुएल एवं डेटा साइंटिस्ट कपिल वर्मा ने प्रशिक्षक के रूप में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान कीं। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की आवश्यकता हैं तथा ऐसे कार्यक्रम युवाओं को रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।



