
नागपुर। राज्य के नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक, कार्यक्षम और प्रौद्योगिकी आधारित परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने अगले तीन वर्षों में राज्यभर में 145 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद महाराष्ट्र को रेलवे फाटक मुक्त राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर के वर्धमाननगर रेलवे क्रॉसिंग पर निर्मित चार लेन के रोड ओवरब्रिज तथा राज्य में 484 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नौ महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की। इस अवसर पर राज्य के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, वित्त राज्य मंत्री एडवोकेट आशिष जयस्वाल, विधायक कृष्णा खोपड़े, चरणसिंह ठाकुर, महापौर नीता ठाकरे, स्थायी समिति की अध्यक्ष शिवानी दाणी, महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महारेल) के महाप्रबंधक राजेशकुमार जयस्वाल, दयाशंकर तिवारी, नगर निगम के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष लगभग 21 हजार लोगों की जान चली जाती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने रेलवे फाटक मुक्त महाराष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 524 रेलवे फाटक हैं, जिनमें से 10 हजार से अधिक वाहनों की दैनिक आवाजाही वाले रेलवे फाटकों सहित विभिन्न स्थानों पर कुल 145 रेलवे ओवरब्रिजों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन सभी परियोजनाओं को अगले तीन वर्षों में महारेल के माध्यम से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजनाओं के लिए महारेल की स्थापना के बाद राज्य में आधारभूत संरचना विकास को नई गति मिली है। नागपुर और मुंबई जैसे जटिल क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए चुनौतीपूर्ण पुलों का निर्माण रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। महारेल ने कई नवीन तकनीकों का विकास कर उनके पेटेंट भी प्राप्त किए हैं। कम लागत में उच्च गुणवत्ता के साथ तेजी से परियोजनाएं पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री ने महारेल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रही आधारभूत सुविधाओं के कारण औद्योगिक निवेश बढ़ा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाएं विकसित हुई हैं और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इससे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिली है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भगवान संभवनाथ चौक से डिप्टी सिग्नल मार्ग तक निर्मित रेलवे ओवरब्रिज का नाम पूर्व महापौर बाहरीनबाई सोनबोईर के नाम पर रखा जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पारडी क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना के साथ स्थानीय व्यापारियों की सुविधा के लिए आधुनिक सब्जी मंडी तथा स्पोर्ट्स क्लब का भी निर्माण किया जाएगा। लगभग 150 करोड़ रुपये की इस परियोजना में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 40 करोड़ रुपये का योगदान देगा। उन्होंने कहा कि पूर्व नागपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इसके साथ ही कचरे से सीएनजी उत्पादन की परियोजना भी शुरू की जा रही है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि महारेल द्वारा राज्य में अनेक आधारभूत संरचना परियोजनाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं और नागपुर मेट्रो परियोजना ने शहर की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की है। विधायक कृष्णा खोपड़े ने अपने संबोधन में क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि नई परियोजनाओं से नागरिकों को यातायात, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिलेगा। महारेल के महाप्रबंधक राजेशकुमार जयस्वाल ने बताया कि महारेल द्वारा अमरावती, सातारा, नासिक, सांगली, नागपुर और चंद्रपुर जिलों में कुल तीन रोड ओवरब्रिज, चार सबवे तथा एक रोड अंडरब्रिज परियोजना का निर्माण पूरा किया गया है। इन नौ परियोजनाओं पर कुल 484 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नागपुर की दो परियोजनाएं केंद्रीय सड़क एवं आधारभूत संरचना योजना के अंतर्गत तथा शेष सात परियोजनाएं रेलवे मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार की 50:50 लागत साझेदारी योजना के तहत पूर्ण की गई हैं। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। आभार प्रदर्शन जितेंद्र कुमार शर्मा ने किया।



