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सुशासन के 12 वर्ष: झांसी में आयोजित ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’ में विकास, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी पर मंथन

झांसी, उत्तर प्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 140 करोड़ भारतीयों की सेवा और सुशासन को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में झांसी कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधान परिषद सदस्य रामतीर्थ सिंघल ने की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण के प्रतीक रहे हैं तथा आज भारत की प्रति व्यक्ति आय दो लाख रुपये से अधिक पहुंच चुकी है, जिसका श्रेय उनकी नीतियों, नियत और मजबूत नेतृत्व को जाता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी तथा बुंदेलखंड विकास की असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एवं बौद्ध संस्थान लखनऊ के अध्यक्ष हरगोविंद कुशवाहा ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इच्छाशक्ति और कार्य क्षमता के बल पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। वहीं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल ने प्रदेश के विकास के लिए भूमि पट्टा आवंटन की प्रक्रिया तेज करने, बुंदेलखंड के लिए विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने तथा औद्योगिक विकास में बाधा बन रही विद्युत समस्याओं के समाधान का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि झांसी और बुंदेलखंड का पर्यटन, उद्योग और कृषि क्षेत्र प्रदेश की जीडीपी बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सम्मेलन में डॉ. बी.बी. त्रिपाठी ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए बरसाती नदियों और नालों पर चेकडैम निर्माण का सुझाव दिया, जिससे भूगर्भ जल स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने सौर ऊर्जा के अधिक उपयोग पर भी बल दिया। डॉ. राजीव द्विवेदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वृक्षारोपण, उच्च शिक्षा और जनसहभागिता को आवश्यक बताया। उत्तर प्रदेश व्यापार संगठन के संजय पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की तेज गति की सराहना करते हुए बुंदेलखंड के उद्योगों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग रखी। समाजसेवी एवं शिक्षाविद डॉ. नीति शास्त्री ने “12 साल बेमिसाल” बताते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम और ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में आमजन के सुझाव अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने की अपील की। कार्यक्रम में डॉ. विवेक बाजपेयी, मृदुल श्रीवास्तव, डॉ. अन्नू निगम और हरिकिशन चतुर्वेदी सहित कई प्रबुद्धजनों ने अपने विचार रखे। सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह ने संचालन करते हुए सरकार की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की जानकारी दी। सम्मेलन में विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षाविद, समाजसेवी और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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