
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सोमवार को मानसून ने आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी, और वह भी रिकॉर्ड तोड़ अंदाज़ में। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार 26 मई की सुबह ही मुंबई में प्रवेश कर लिया, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे पहले हुआ मानसून आगमन है। साथ ही, मई महीने में हुई बारिश ने 107 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिससे शहर के इतिहास में यह मानसून का सबसे जल्दी आगमन बन गया है। बारिश की वजह से सोमवार सुबह मुंबईवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दक्षिण मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में 135 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि उपनगरीय क्षेत्रों में भी मूसलाधार वर्षा हुई। इसके चलते सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे यातायात धीमा पड़ गया। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं, और कई रूटों पर देरी देखी गई। बारिश के असर से नई शुरू हुई भूमिगत मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) की कमियां भी सामने आईं। जलभराव ने कुछ स्टेशनों की संचालन क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए। आईएमडी मुंबई की निदेशक शुभांगी भूटे ने बताया, “इतिहास में पहली बार हम 26 मई को मानसून का आगमन देख रहे हैं। कोलाबा समेत दक्षिणी हिस्सों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है, और वर्तमान बादल विकास को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। आईएमडी ने आगामी सप्ताह के लिए भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है और रेड अलर्ट जारी किया है। नागरिक प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, विशेषकर जलभराव वाले इलाकों और अंडरपास से बचें। साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने पास आवश्यक दवाएं और आपातकालीन आपूर्ति रखें और मौसम अपडेट की लगातार जांच करते रहें। मुंबई में आमतौर पर मानसून 11 जून के आसपास आता है, लेकिन इस वर्ष यह 16 दिन पहले ही आ गया है, जिससे न सिर्फ मुंबई बल्कि महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी मौसम संबंधी तैयारी और रणनीति को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। फिलहाल, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), रेलवे और यातायात विभाग पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।




