
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के कैंसर मरीजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपचार और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र कैंसर केयर, रिसर्च एंड एजुकेशन फाउंडेशन (महाकेयर) को प्रभावी ढंग से विकसित किया जाए। गुरुवार को सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित महाकेयर कंपनी के निदेशक मंडल की पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक, आर्थिक रूप से सक्षम व्यवस्था और राज्य संचालित एल-2 एवं एल-3 कैंसर अस्पतालों के माध्यम से महाराष्ट्र के प्रत्येक जिले के मरीजों को जांच से लेकर उपचार तक समान और विश्वस्तरीय कैंसर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले विशेषज्ञ मानव संसाधन की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में नागपुर हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट नामक सहायक कंपनी की स्थापना को मंजूरी दी गई। साथ ही महात्मा फुले जनआरोग्य योजना से महाकेयर के लिए 100 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। सीएसआर फंड जुटाने, जीटी अस्पताल परिसर में कार्यालय उपलब्ध कराने, लेखा परीक्षक एवं कंपनी सचिव की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। बैठक के दौरान टाटा मेमोरियल अस्पताल और महाकेयर के बीच तकनीकी सहयोग के लिए एमओयू (सामंजस्य समझौता) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे राज्य में कैंसर उपचार और अनुसंधान को नई मजबूती मिलेगी।
महाकेयर परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
टाटा मेमोरियल अस्पताल को शीर्ष कैंसर अनुसंधान एवं उपचार केंद्र के रूप में जोड़ा जाएगा।
मुंबई, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, नांदेड़, कोल्हापुर, चंद्रपुर, नासिक और अमरावती में जिला स्तरीय समग्र कैंसर उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
मुंबई (कामा अस्पताल), रत्नागिरी, सातारा, बारामती, जलगांव, यवतमाल, अंबाजोगाई (बीड), ठाणे और शिर्डी में कैंसर जांच एवं डे-केयर केंद्र विकसित किए जाएंगे।
महाआरोग्य परियोजना के माध्यम से पूरे राज्य में कैंसर सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकेयर के माध्यम से राज्य में कैंसर के मामलों में कमी लाने, समय पर जांच, गुणवत्तापूर्ण उपचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

