
मुंबई। मुंबई में रविवार को भी पानी की भारी किल्लत देखने को मिली, क्योंकि मुंबई वॉटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। यह हड़ताल 10 अप्रैल को उस समय शुरू हुई थी जब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने निजी कुएं और बोरवेल मालिकों को सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी (CGWA) से लाइसेंस लेने या अपना संचालन बंद करने का निर्देश जारी किया। इस फैसले से नाराज़ होकर एसोसिएशन ने अपनी सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दीं। आम दिनों में करीब 1,800 टैंकर प्रतिदिन लगभग 350 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करते थे। उनकी अनुपस्थिति से शहर के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। सबसे अधिक प्रभावित इलाके अंधेरी, सायन और सिवड़ी हैं, जहां बीएमसी की पाइपलाइन सेवा पहले से ही सीमित है। साथ ही, मुंबई मेट्रो, बुलेट ट्रेन और सड़क निर्माण जैसे कई अहम बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट भी इस जल संकट से प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि एसोसिएशन का कहना है कि यह कोई विरोध नहीं, बल्कि नियमों के अनुपालन की दिशा में एक जरूरी कदम है, लेकिन राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सरकार और संबंधित एजेंसियां समाधान की दिशा में प्रयासरत हैं। इस बीच नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे पानी का संरक्षण करें और आधिकारिक स्रोतों से जारी अद्यतन जानकारी पर ध्यान दें।




