Thursday, May 21, 2026
Google search engine
HomeCrimeबांद्रा गरीब नगर अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, 16 गिरफ्तार, 7 पुलिसकर्मी...

बांद्रा गरीब नगर अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, 16 गिरफ्तार, 7 पुलिसकर्मी घायल

मुंबई। मुंबई के बांद्रा पूर्व लोकल स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर में चल रहा बड़े पैमाने का अतिक्रमण हटाओ अभियान गुरुवार को हिंसक झड़पों में बदल गया। पश्चिमी रेलवे द्वारा रेलवे भूमि खाली कराने के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि इलाके में पत्थरबाजी, हंगामा और पुलिस कार्रवाई की नौबत आ गई। मुंबई पुलिस ने इस मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी दंगा और सरकारी काम में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को बांद्रा कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि अभियान के दौरान एक कथित अवैध धार्मिक ढांचे को हटाए जाने के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। लगातार तीसरे दिन जारी इस तोड़फोड़ अभियान के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी सड़कों पर उतर आए। बेदखली का सामना कर रहे परिवारों ने कार्रवाई रोकने की मांग की, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं। हालात तब बिगड़ गए जब उपद्रवियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस हिंसा में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि अभियान सावधानी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ चलाया जा रहा है। उनके अनुसार बुधवार शाम तक लगभग 60 प्रतिशत अतिक्रमण हटाया जा चुका था, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब 85 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गरीब नगर क्षेत्र में कई वर्षों से रेलवे भूमि पर अवैध निर्माण किए गए थे और यह कार्रवाई भविष्य की रेलवे विकास परियोजनाओं तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए आवश्यक है। प्रशासन ने दावा किया कि अभियान के दौरान प्रभावित लोगों और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों के बीच 2,000 से अधिक पानी की बोतलें और भोजन के पैकेट भी वितरित किए गए, ताकि राहत व्यवस्था बनी रहे। हालांकि स्थानीय लोगों में अब भी नाराजगी बनी हुई है। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के बिना हटाया जा रहा है। दूसरी ओर रेलवे प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अभियान को जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि भविष्य में रेलवे परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए। फिलहाल पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है और प्रशासन किसी भी नई हिंसा को रोकने के लिए सतर्क बना हुआ है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments