
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जिले में बिजली संकट गहराता जा रहा है और ट्रांस गंगा सिटी की विद्युत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में हुए निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे विभागीय लापरवाही उजागर होती है। निरीक्षण के दौरान सिटी में स्थित 220 केवी विद्युत उपकेंद्र और 33 केवी के 12 नए बिजली घरों का जायजा लिया गया। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बने 220 केवी उपकेंद्र की वर्तमान आपूर्ति क्षमता 120 एमवीए है, लेकिन ट्रांस गंगा सिटी को इसमें से मात्र 5 एमवीए से भी कम बिजली मिल रही है। शेष बिजली बिठूर, लखनऊ और चकलवंशी जैसे अन्य क्षेत्रों को आपूर्ति की जा रही है। सबसे चिंताजनक स्थिति 33 केवी उपकेंद्रों की है। 12 में से केवल एक ही बिजली घर चालू हालत में है, जो न केवल सिटी की जरूरतों को पूरा कर रहा है बल्कि आसपास के गांवों को भी बिजली दे रहा है। बाकी 11 उपकेंद्र बंद पड़े हैं, जिससे उनमें लगी करोड़ों रुपये की मशीनरी खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी 33 केवी उपकेंद्रों को चालू कर दिया जाए, तो पूरे उन्नाव जिले को ट्रांस गंगा सिटी से ही पर्याप्त बिजली मिल सकती है। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या के समाधान के लिए निर्देश जारी कराए गए हैं। साथ ही, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री को भी इस मामले से अवगत कराया गया है।




