Saturday, March 14, 2026
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वक्फ कानून पर उद्धव ठाकरे का बीजेपी पर हमला, कहा- वक्फ के बाद अब भाजपा की नजर ईसाई, जैन, बौद्ध और हिंदू मंदिरों की जमीन पर

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब अपने “मित्रों” को लाभ पहुंचाने के लिए न सिर्फ वक्फ की, बल्कि ईसाइयों, जैनियों, बौद्धों और यहां तक कि हिंदू मंदिरों की जमीन पर भी नजर गड़ा रही है। ठाकरे ने भाजपा के स्थापना दिवस पर कहा, “वक्फ कानून के बाद अगला कदम यह होगा कि वे अन्य धर्मों की जमीनों पर कब्जा करें और उन्हें अपने दोस्तों को सौंप दें। इन्हें किसी भी समुदाय से कोई लगाव नहीं है। वह शिव संचार सेना के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे — जो पार्टी की आईटी और कम्युनिकेशन शाखा होगी।
वक्फ विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दी, जिसे हाल ही में संसद ने पारित किया था। सरकार का कहना है कि यह विधेयक मुस्लिम धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाने के उद्देश्य से लाया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कानून सत्ता पक्ष द्वारा संपत्तियों को “हड़पने” का एक माध्यम बन जाएगा। ठाकरे और एनसीपी (शरद पवार) नेता जितेंद्र आव्हाड दोनों ने आरएसएस के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ में प्रकाशित एक लेख का हवाला देते हुए कहा कि इसमें भारत में विभिन्न धर्मों के भूमि स्वामित्व पर सवाल उठाए गए हैं।
आव्हाड ने आरोप लगाया कि लेख में कैथोलिक चर्च को भारत का सबसे बड़ा गैर-सरकारी भूमि स्वामी बताया गया है, जिसके पास 17.29 करोड़ एकड़ (7 करोड़ हेक्टेयर) भूमि है। उन्होंने यह भी कहा कि लेख में आरोप लगाया गया है कि “इसमें से कई ज़मीनें ब्रिटिश शासन के दौरान मिली थीं, और सवाल उठाया गया है कि क्या इनमें से कुछ भूमि “संदिग्ध तरीके” से प्राप्त की गई थीं।
राउत का आरोप: “वक्फ भूमि पूंजीपतियों को सौंप दी जाएगी”
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि आने वाले समय में वक्फ की अधिकांश भूमि भाजपा के करीबी उद्योगपतियों के पास चली जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को गरीबी और जनसेवा पर बोलने का अधिकार नहीं है, क्योंकि चुनावों में उसका खर्च राज्य के बजट के बराबर होता है। उन्होंने कहा, वक्फ बोर्ड, चर्च, मंदिर इनकी जमीनों को निशाना बनाकर सत्ता अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचा रही है। जब ठाकरे से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी, तो उन्होंने इससे इनकार किया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि “अब यह बात सबके सामने है। जनता को अपनी आंखें खोल लेनी चाहिए।

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