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थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर साइबर गुलामी में फंसाया: 18 घंटे कराई जाती थी ऑनलाइन ठगी, प्रताड़ना का आरोप

मुंबई। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को फंसाकर साइबर अपराध करवाने का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के एक युवक को थाईलैंड में होटल की नौकरी का झांसा देकर कथित तौर पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के हवाले कर दिया गया। पीड़ित ने अपने परिवार को बताया कि उससे प्रतिदिन करीब 18 घंटे ऑनलाइन धोखाधड़ी कराई जाती थी और विरोध करने पर बिजली के झटके देकर प्रताड़ित किया जाता था। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने साइबर गुलामी और मानव तस्करी से जुड़े विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता धाराशिव जिले के खेड़ का निवासी है। उसका भाई होटल मैनेजमेंट का कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहा था। अप्रैल माह में उसे फेसबुक पर थाईलैंड में नौकरी का एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद उसे होटल में नौकरी का भरोसा दिलाया गया और विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया पूरी कराई गई। परिवार के मुताबिक, बैंकॉक पहुंचते ही युवक का एयरपोर्ट के बाहर कुछ अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया और नाव के जरिए एक अज्ञात स्थान पर ले गए। वहां उसे होटल में नौकरी देने के बजाय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के हवाले कर दिया गया, जहां उससे प्रतिदिन लगभग 18 घंटे ऑनलाइन फ्रॉड करवाया जाता था। पीड़ित ने परिवार को बताया कि यदि वह गिरोह की मांग के अनुसार काम नहीं करता था, तो उसके साथ मारपीट की जाती, बिजली के झटके दिए जाते और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। आरोपियों ने उसका पासपोर्ट, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए, जिससे उसके लिए वहां से निकलना असंभव हो गया। युवक ने अपने परिवार को यह भी जानकारी दी कि उसके साथ महाराष्ट्र के करीब 12 अन्य युवक भी उसी गिरोह के चंगुल में फंसे हुए हैं। उसने परिवार से किसी भी तरह उसे बचाने की गुहार लगाई। 17 जून को उसने अपना अंतिम लोकेशन परिवार के साथ साझा किया, जो थाईलैंड-म्यांमार सीमा क्षेत्र का बताया गया। इसके बाद से उसका कोई संपर्क नहीं हो सका। परिवार ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद मामले में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-सी (पहचान की चोरी) और 66-डी (कंप्यूटर संसाधनों के माध्यम से धोखाधड़ी) के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 127 (गैरकानूनी बंधक बनाना), 143 (मानव तस्करी) और 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के नेटवर्क, एजेंटों और पीड़ित युवक सहित अन्य लोगों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयासों में जुटी हुई है। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले ऑनलाइन प्रस्तावों की पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही किसी एजेंसी या व्यक्ति पर भरोसा करें।

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