लोनावला में भारी बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा गिरा, MSRDC ने कहा—टनल को कोई नुकसान नहीं, IIT बॉम्बे से दोबारा कराया जाएगा सुरक्षा आकल

मुंबई। लोनावला क्षेत्र में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण सोमवार तड़के मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना की टनल के प्रवेश द्वार के पास पहाड़ी ढलान की सुरक्षा के लिए बनाई गई एक संरचना ढह गई। घटना के बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक “कॉस्मेटिक स्ट्रक्चर” था और मुख्य टनल पूरी तरह सुरक्षित है। एमएसआरडीसी के अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सोमवार तड़के करीब तीन बजे भूस्खलन हुआ, जिससे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा टनल के एप्रोच एरिया में आ गिरा। सूचना मिलते ही राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर दिया गया। मलबा हटाने के लिए क्रेन, जेसीबी एक्सकेवेटर और अन्य भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी ढलान की सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों का डिज़ाइन आईआईटी बॉम्बे द्वारा तैयार किया गया था। स्वीकृत योजना के अनुसार लगभग 15 मीटर ऊंचाई तक रॉक बोल्टिंग की गई थी, जबकि संबंधित पहाड़ी की कुल ऊंचाई लगभग 150 मीटर है। अत्यधिक वर्षा के कारण सुरक्षा वाले हिस्से के ऊपर से मलबा खिसकने के चलते यह संरचना प्रभावित हुई। एमएसआरडीसी के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद आईआईटी बॉम्बे से दोबारा तकनीकी आकलन और सुझाव मांगे जाएंगे, ताकि आवश्यक होने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस बीच, लोनावला-खालापुर क्षेत्र में लगातार बारिश से जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। पातालगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से खालापुर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिसके चलते एहतियातन मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर यातायात अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि पानी का स्तर सामान्य होने के बाद यातायात धीरे-धीरे बहाल किया जाएगा।



