
अमरावती। शहर में सक्रिय वाहन चोरों ने पुलिस से बचने के लिए चोरी की मोटरसाइकिलों को बाजार में बेचने के बजाय सीधे कबाड़ी के हवाले करने का नया तरीका अपना रखा था। राजापेठ पुलिस ने इस गिरोह के तीन कथित शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर 16 दोपहिया वाहन तथा उनके कलपुर्जे बरामद किए हैं। जब्त माल की कुल कीमत करीब 4 लाख 58 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी की प्रत्येक बाइक महज 5 हजार रुपये में कबाड़ी को बेच देते थे, जिसके बाद वाहन के अलग-अलग पुर्जे कर उसकी पहचान मिटा दी जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वसीम खान बब्बू खान (40), निवासी हैदरपुरा, शेख इरफान उर्फ भूर्या शेख मंसूर (36), निवासी सादिया नगर और सद्दाम अली फैयाज अली (35), निवासी बिस्मिल्ला नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, भातकुली पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाले सचिन वैद्य की मोटरसाइकिल 1 सितंबर को राजापेठ बस स्टैंड से चोरी हो गई थी। मामले की जांच के दौरान तकनीकी जानकारी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस इस गिरोह तक पहुंची और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी संदीप चव्हाण के नेतृत्व में एसपीआई नितीन शिंदे तथा पुलिसकर्मी मनीष करपे, रवि लिखितकर और अमोल खंडझोड की टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों से चोरी के वाहन बरामद किए। पुलिस जांच में आरोपियों की कथित ‘मोडस ऑपरेंडी’ भी सामने आई है। आरोपियों को आशंका थी कि चोरी की बाइक बाजार में बेचने पर वाहन मालिक या पुलिस उन तक पहुंच सकती है। इसी जोखिम से बचने के लिए वे चोरी के वाहनों को बेहद कम कीमत पर कबाड़ी को बेच देते थे। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से 100 से 125 चोरी की मोटरसाइकिलें कबाड़ कारोबारियों को बेचने की बात स्वीकार की है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक बाइक करीब पांच हजार रुपये में दी जाती थी और इसके बाद कबाड़ी वाहन के अलग-अलग स्पेयर पार्ट निकालकर बेच देता था, जिससे चोरी के वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राजापेठ, फ्रेजरपुरा समेत अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में दर्ज दोपहिया चोरी के 16 मामलों का खुलासा होने का दावा किया गया है। वहीं, सौ से अधिक चोरी की बाइक ठिकाने लगाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अब उन कबाड़ कारोबारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनके पास कथित रूप से चोरी के वाहन पहुंचाए जाते थे। संबंधित कबाड़ी फिलहाल राजापेठ पुलिस की जांच के दायरे में है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

