
देवेश प्रताप सिंह राठोर
झाँसी, उत्तर प्रदेश। झांसी जनपद में 01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए जा रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रस्तावित दस्तक अभियान की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने की, जिसमें उन्होंने अभियान की सफलता के लिए माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य करने पर विशेष जोर दिया। सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग यदि निर्धारित माइक्रोप्लान के तहत समन्वित रूप से कार्य करें, तो अभियान के परिणाम बेहतर और प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है, जिससे लोग स्वयं मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों से बचाव कर सकें। संवेदनशील क्षेत्रों—बड़ागांव, मऊरानीपुर, बंगरा, गुरसराय, बामौर, मोंठ और बबीना—में संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और नियमित क्षेत्र भ्रमण के निर्देश दिए गए। जनपदवासियों से अपील करते हुए सीडीओ ने कहा कि घरों और आसपास गंदा पानी जमा न होने दें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अभिभावकों से आग्रह किया गया कि बच्चों को बासी और खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन न करने दें, ताकि संचारी रोगों से बचाव संभव हो सके। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन के आदेशानुसार संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करें। साथ ही, अंतर-विभागीय समन्वय बैठकों, ब्लॉक स्तर पर ग्राम विकास अधिकारियों और नोडल अध्यापकों के संवेदीकरण कार्यक्रम समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि नगरीय निकायों द्वारा सभी वार्डों में प्रतिदिन नालियों की सफाई, कचरा निस्तारण और फॉगिंग कराई जाए तथा विशेष सफाई अभियान चलाकर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। नोडल अधिकारी डॉ. उत्सव राज ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग, छिड़काव और सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रभात फेरियों, जागरूकता रैलियों और ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को संचारी रोगों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा सूकर पालकों की पहचान कर उन्हें आबादी से दूर स्थापित करने और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी स्वच्छता व बचाव उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों—पंचायती राज, ग्राम विकास, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, कृषि, सिंचाई और उद्यान विभाग—की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) योगेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय, डिप्टी एसीएमओ डॉ. अंशुमान तिवारी, डॉ. विजय श्री शुक्ला, बेसिक शिक्षा अधिकारी विपुल सहाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी एमओआईसी उपस्थित रहे। इस व्यापक अभियान के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य जनपद में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और नागरिकों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।




