
ठाणे। तेजी से विकसित हो रहे ठाणे शहर में सांस्कृतिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए एक भव्य नाट्यगृह का निर्माण किया जा रहा है। घोड़बंदर वाघबिल इलाके में प्रस्तावित ‘तीर्थरूप निरुपणकार अप्पासाहेब धर्माधिकारी नाट्यगृह’ राज्य का सबसे बड़ा थिएटर होगा। यह जानकारी राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एक पत्रकार परिषद में दी। उन्होंने बताया कि लगभग 2500 दर्शकों की क्षमता वाला यह नाट्यगृह सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा। इस परियोजना का शिलान्यास मनपा चुनाव से पहले किया गया था, लेकिन फंड की कमी के कारण काम रुक गया था। अब राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 138 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिसमें पहले चरण में 85 करोड़ और दूसरे चरण में 53 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। करीब 7300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस नाट्यगृह में मुख्य हॉल में 1600 सीटें और दो बालकनियों में लगभग 450 सीटों की व्यवस्था होगी। इसकी खासियत यह होगी कि इसका मंच गडकरी रंगायतन से 12 मीटर ऊंचा होगा, जिससे बड़े और प्रयोगात्मक नाट्य प्रस्तुतियां संभव हो सकेंगी। नाट्यगृह परिसर में लगभग 60 प्रतिशत खुला क्षेत्र रखा जाएगा, जहां करीब 2000 वर्ग मीटर का बड़ा प्लाजा विकसित किया जाएगा। इस प्लाजा में एक समय में 1500 से 2000 लोग एकत्रित हो सकेंगे और यहां लाइव इवेंट व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। साथ ही एक आकर्षक गार्डन भी बनाया जाएगा। पार्किंग की दृष्टि से भी परियोजना को व्यापक बनाया गया है। यहां लगभग 650 चार पहिया और 300 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा होगी, साथ ही तीन मंजिला पार्किंग भी बनाई जाएगी। दर्शकों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे 6 लिफ्ट, एस्केलेटर, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और टॉयलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। दिव्यांगों के लिए पहली पंक्ति में 12 विशेष सीटों की व्यवस्था होगी। कलाकारों के लिए अलग लिफ्ट, बैकस्टेज सुविधाएं और दो बड़े बैंक्वेट हॉल (प्रत्येक की क्षमता 1000) बनाए जाएंगे, जिससे मनपा को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी। प्रताप सरनाईक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग के लिए जल्द ही थिएटर कर्मचारियों, निर्देशकों और कलाकारों के साथ बैठक की जाएगी, ताकि उनके सुझावों के आधार पर निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नाट्यगृह न केवल ठाणे बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक सांस्कृतिक पहचान बनेगा।




