
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के 20 खिलाड़ियों समेत करीब 50 बच्चों को मेडल और मोमेंटो देकर किया सम्मानित
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झाँसी, उत्तर प्रदेश। राजकीय संग्रहालय झाँसी में भारतीय एकता खेल विकास समिति के तत्वावधान में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनकी अनुपस्थिति में उनके पुत्र ऐश्वर्य सरावगी ने प्रतिनिधि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. समरीन खान, डॉ. नीरज अग्रवाल, वैभव बट्टा, सैयद नूर अहमद एवं फादर एम. रोज उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाकिर खान ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके 20 खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले करीब 50 बच्चों को सम्मानित किया गया। समिति की ओर से प्रतिभागियों को मोमेंटो एवं मेडल प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर खिलाड़ियों और बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऐश्वर्य सरावगी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन देश के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से न केवल भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। आज भी उनका जीवन नई पीढ़ी को खेलों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे अनुशासन, संघर्ष, आत्मविश्वास, टीम भावना और देश के प्रति समर्पण की भावना भी विकसित होती है। झाँसी और बुंदेलखंड की धरती पर खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल इन प्रतिभाओं को सही मंच, बेहतर अवसर और निरंतर प्रोत्साहन देने की है। ऐश्वर्य सरावगी ने सम्मानित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज जिन बच्चों और खिलाड़ियों को सम्मान मिला है, वे आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर झाँसी और बुंदेलखंड के साथ देश का नाम रोशन करें, यही सभी की कामना है। भारतीय एकता खेल विकास समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना और उनमें खेलों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। इस तरह के आयोजनों से उभरती खेल प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व और भारतीय खेल जगत में उनके योगदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने युवा पीढ़ी से खेल भावना, अनुशासन और समर्पण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

