
ठाणे। डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को मंगलवार को कल्याण की अदालत ने जमानत दे दी। अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये के कैश बॉन्ड पर जमानत दी है। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के एक दिन बाद उन्हें यह राहत मिली। म्हात्रे के वकील एम.के.काजी के अनुसार, बचाव पक्ष की ओर से जमानत अर्जी दाखिल किए जाने के बाद जांच अधिकारी और सहायक लोक अभियोजक ने अदालत में अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने म्हात्रे की जमानत मंजूर कर ली। यह मामला 6 जुलाई को डोंबिवली में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में हुई घटना से जुड़ा है। अस्पताल का नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) भरा होने के कारण डॉक्टरों ने एक नवजात शिशु को दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी थी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान अस्पताल पहुंचे म्हात्रे और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद कथित तौर पर डॉ. सालुंखे, डॉ. सृष्टि बाविस्कर, नर्सों और अन्य मेडिकल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश फैल गया। डॉक्टर संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किए और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों एवं मेडिकल कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। खबरों के अनुसार, हमले से प्रभावित डॉक्टरों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए इस्तीफा भी दे दिया था। वहीं, म्हात्रे ने अपने ऊपर लगे आरोपों के बीच दावा किया था कि उन्होंने मां और बच्चे को बचाने के उद्देश्य से मामले में हस्तक्षेप किया था। पुलिस ने इस मामले में रमेश म्हात्रे सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच अभी जारी है।

