
मुंबई (इंद्र यादव)। महाराष्ट्र के सोलापुर और अहिल्या नगर से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने धर्म, अपराध और सियासत—तीनों को एक साथ कटघरे में खड़ा कर दिया है। खुद को ‘भगवान का अवतार’ बताने वाले एक कथित बाबा के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है।
धर्म की आड़ में शोषण का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी बाबा महिलाओं को ‘दिव्य शक्तियों’ का झांसा देकर अपने संपर्क में लाता था। इसके बाद कथित तौर पर उनका शारीरिक शोषण किया जाता था। पुलिस छापेमारी में बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक वीडियो और डिजिटल सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए भी किया जाता था, जिससे पीड़ित महिलाएं डर और बदनामी के कारण सामने नहीं आ पाती थीं।
डिजिटल सबूत और नेटवर्क की जांच
पुलिस ने आरोपी के ठिकानों से मोबाइल फोन, हार्ड ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन डिवाइसों में कई महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक क्लिप्स होने की बात कही जा रही है। अब जांच टीमें इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित रैकेट में और कौन-कौन शामिल था।
सियासी कनेक्शन पर उठे सवाल
मामला उस वक्त और गरमा गया जब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें कथित बाबा को राजनीतिक हस्तियों के साथ देखा जा रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की सत्यता और संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्या आरोपी को किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपी के सहयोगियों और संभावित नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि धर्म के नाम पर अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। फिलहाल, जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




