
मुंबई/इस्तांबुल। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। तुर्की के इस्तांबुल में कुख्यात ड्रग माफिया सरगना सलीम डोला को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई तुर्की की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक बड़े ऑपरेशन के तहत की गई, जिसका उद्देश्य वैश्विक ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करना था। सूत्रों के अनुसार, सलीम डोला लंबे समय से सिंथेटिक ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का प्रमुख चेहरा रहा है। उसका नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ था और वह सीमा पार तस्करी के बड़े ऑपरेशन्स को नियंत्रित करता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसके तार भारत सहित कई देशों में सक्रिय गिरोहों से जुड़े हुए थे। इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह है कि डोला के नेटवर्क के संबंध भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन कड़ियों की अभी विस्तृत जांच जारी है, लेकिन शुरुआती संकेत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गठजोड़ की ओर इशारा कर रहे हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने डोला के परिवार के चार सदस्यों को दुबई से भारत लाकर गिरफ्तार किया था, जिनमें उसका बेटा ताहिर डोला भी शामिल था। वहीं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने डोला की गिरफ्तारी के लिए 1 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि डोला दुबई से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था और भारत में ड्रग्स की सप्लाई चेन को नियंत्रित करता था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, उसके पास सऊदी अरब का पासपोर्ट भी है, जिससे उसकी पहचान और गतिविधियों को ट्रैक करना और जटिल हो गया था। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि तुर्की से भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करते हुए, विशेष रूप से यूएई के माध्यम से, उसे भारत लाने के विकल्पों पर विचार कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि सलीम डोला की हिरासत से ड्रग तस्करी के इस बड़े नेटवर्क के कई अहम राज खुल सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे नशे के कारोबार पर बड़ी चोट की जा सकती है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।




