
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। शासन की ओर से मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का दावा शनिवार को उस समय सवालों के घेरे में आ गया, जब जिला अस्पताल स्थित जनऔषधि केंद्र में निरीक्षण के दौरान ब्रांडेड (पेटेंट) दवाएं बरामद हुईं। मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सत्यप्रकाश ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दवाओं को सील करवा दिया और जिम्मेदार कर्मियों को फटकार लगाई। जानकारी के अनुसार, मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में जन औषधि योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जो पेटेंट दवाओं जितनी ही प्रभावी मानी जाती हैं, लेकिन कीमत काफी कम होती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिलती है।
हाल ही में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानपुर की पीहू मेडिकल्स को जनपद के सभी जनऔषधि केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। छह दिसंबर से जिला अस्पताल स्थित केंद्र का संचालन शुरू हुआ, लेकिन इसके बाद से ही मरीजों द्वारा महंगी दवाएं बेचे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शनिवार सुबह सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश, एसीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद के साथ केंद्र पर पहुंचे और जांच की। निरीक्षण के दौरान केंद्र में छिपाकर रखी गईं ब्रांडेड दवाएं मिलीं, जिसे देखकर अधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर ही दवाओं को गत्तों में भरवाकर सील कर दिया और चिकित्साधीक्षक डॉ. संजीव कुमार को सुपुर्द करने के निर्देश दिए।
सीएमओ का बयान: जनऔषधि केंद्र में लगातार महंगी दवाएं मिलने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान ब्रांडेड दवाएं बरामद हुई हैं, जिन्हें सील कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।” — डॉ. सत्यप्रकाश, सीएमओ
आगे की कार्रवाई: जनऔषधि केंद्र से संबंधित निविदाएं साचीज के माध्यम से जारी की गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने साचीज के सीईओ को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है। अब आगे की कार्रवाई साचीज स्तर से की जाएगी।




