
मुंबई। दुबई से छुट्टियां मनाने मुंबई लौटी 35 वर्षीय सपना प्रमोद गंजी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। मामले में सपना की सास समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि हत्या की साजिश रचकर इसे अंजाम देने के लिए तीन लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने सपना की सास धनलक्ष्मी भिक्षपति गंजी (60) के अलावा पूर्व घरेलू सहायिका मंगलाबाई सुरेश जाधव (45), उनके पति सुरेश गणपत जाधव (46), बेटी शिवानी जाधव (21) और बेटे साजन जाधव (19) को गिरफ्तार किया है।
पहले भी दर्ज कराया था उत्पीड़न का मामला
एफआईआर के अनुसार, नालासोपारा निवासी सपना की शादी वर्ष 2013 में घाटकोपर निवासी प्रमोद गंजी से हुई थी। शुरुआती वर्षों के बाद ससुराल पक्ष द्वारा कथित प्रताड़ना शुरू हो गई। वर्ष 2024 में सपना ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था और घरेलू हिंसा कानून के तहत भी अदालत का रुख किया था। बाद में ससुराल पक्ष के आश्वासन पर वह फिर से पति के साथ रहने लगीं। फरवरी 2026 में पति के दुबई तबादले के बाद सपना अपने बेटे के साथ वहीं चली गई थीं। जून में वह छुट्टियों के लिए मुंबई लौटी थीं और घाटकोपर स्थित घर में रह रही थीं।
हादसा बताने की कोशिश, पोस्टमार्टम से खुला राज
16 अगस्त को सपना घर में मृत मिलीं। सास धनलक्ष्मी ने शुरुआत में दावा किया कि वह बाथरूम में फिसलकर गिर गई थीं। लेकिन पुलिस को गर्दन पर गहरे निशान और सिर पर गंभीर चोट मिलने से मामला संदिग्ध लगा। प्रारंभिक पूछताछ में सास ने बहस के दौरान धक्का देने की बात कही, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में यह कहानी गलत साबित हुई।
तीन लाख रुपये में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि धनलक्ष्मी ने करीब एक महीने पहले अपनी पूर्व घरेलू सहायिका मंगलाबाई जाधव और उसके परिवार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि इसके बदले जाधव परिवार को तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था। पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त की शाम जब सपना घर पर अकेली थीं, तब आरोपी एक-एक कर फ्लैट में पहुंचे। उन पर पहले हमला किया गया, फिर आंखों में मिर्च पाउडर फेंका गया और दुपट्टे से गला घोंटा गया। आरोप है कि सांस चलती देख आरोपियों ने पैरों से गर्दन दबाकर उनकी हत्या कर दी और सबूत मिटाने की कोशिश की। सपना के पिता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की हत्या संबंधी धाराओं में मामला दर्ज किया। सास धनलक्ष्मी को 17 अगस्त को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 24 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया। वहीं जाधव परिवार के चारों आरोपियों को 18 अगस्त को गिरफ्तार कर 28 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

