HomeIndiaव्यंग्य: मच्छरों का सत्ता सूत्र

व्यंग्य: मच्छरों का सत्ता सूत्र

मुकेश “कबीर”
कॉकरोच पार्टी बनते ही मच्छरों में खुशी की लहर दौड़ पडी, कुछ युवा मच्छरों ने निर्णय लिया कि हम भी राष्ट्रीय मच्छर कॉंग्रेस बनाएंगे और संसद में अपने लोगों को भेजेंगे। एक युवा मच्छर बोला-“आजकल जितनी आबादी उतनी सीट की बातें हो रही हैं फिर हम क्यों पीछे हटें? हमारी आबादी तो सबसे ज्यादा है लेकिन हमारा एक भी प्रतिनिधि संसद तो क्या पंचायत में भी नहीं है इसीलिए जो देखो वो ही हमें मारने में लगा हुआ है। सबसे ज्यादा अभियान हमारे खिलाफ चलाए जाते हैं फिर क्या पंचायतें, क्या नगर निगम, क्या ब्यूरोक्रेसी और क्या डिप्लोमैसी? सबके सब लगे हैं मच्छर मारने में, इसके अलावा इनको कोई काम नहीं है क्या?” दूसरा बोला- “इतने बड़े देश में हमारे बैठने के लिए कोई जगह नहीं है जिसके ऊपर बैठें वो ही मार देता है, अरे हम कोई आतंकवादी हैं क्या ?  फिर हमें बैठने का कोई हक़ क्यों नहीं है? हम हवा में ही उड़ते रहेंगे क्या? जब ये दूसरे नेता ज़मीन से उठते ही हवा में उड़ने लगते हैं फिर हम हवा से ज़मीन पर क्यों नहीं चल सकते ? जबकि इस देश की जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान हमारा है, सारी मेडिकल इंडस्ट्री हमारी दम पर टिकी हुई है, हम नहीं होते तो सारे डॉक्टर और हॉस्पिटल खाली पड़े रहते, सिर्फ डॉक्टर ही क्यों पंखे बनाने वाले इंजीनियर भी बेले घूमते और तो और खिड़की बनाने वाले कारपेंटर,पर्दे बनाने वाले दर्जी और टेक्स्टटाइल इंडस्ट्री वाले हमारी जगह होते, इन सबको रोजगार हम देते हैं।” इस पर तीसरा थोड़ा बड़ा मच्छर बोला “और तो और इस देश को आजाद कराने में भी सबसे बड़ा योगदान हमारा है, अंग्रेज किसी बापू या चाचू से डरकर नहीं भागे थे बल्कि हमारे कारण गए थे, हमने उस वक़्त कितने अंग्रेज अधिकारियों को मारा था यह इतिहास में दर्ज है, तब दुनिया पर शासन करने वाले अंग्रेज हमारा बाल भी बाँका नहीं कर पाए थे, हमारी नारी शक्ति ने जो मलेरिया फैलाया था उस से इतने अंग्रेज अधिकारी मरे थे जितने किसी क्रांतिकारी ने नहीं मारे होंगे तो भैया असली क्रांतिकारी तो हम हुए फिर भी इस देश में हमें बैठने की जगह नहीं मिलती इसलिए अब वक़्त आ गया कि हम भी पार्टी बनाएं जो सब जगह चुनाव लड़ेगी।” युवा मच्छरों की बात सुनकर एक अधेड़ मच्छर जिसकी उम्र करीब चार घंटा थी और वो किसी दूसरी पार्टी में रहकर जेल जा चुका था और फिर निष्कासित भी हो चुका था ,वो अपने अनुभव से बोला कि बेटे पार्टी बनाओ अच्छी बात है लेकिन उसका मेनिफेस्टो का रखोगे? तो एक नये नवेले युवा मच्छर ने पूछा जो मेनिफेस्टो का होत है कक्का? तो अधेड़ ने समझाया कि देखो बेटा बात जे है कि हर पार्टी को एक मुद्दा होत है जे खों चुनाव में रखनो परत है ताकि जनता वोट दे सके, मेंनिफेस्टो तो भौत जरूरी आए, तो तुम सब मिल के मुद्दे तैयार करो, देखो जनता के लिए हम का कर सकत और हमारे खिलाफ कौन कौन से अन्याय हो रहे जे की लिस्ट भी बनाओ l कक्का की बात युवाओं को समझ आयी तो उन्होंने मेनिफेस्टो बनाया… हम समस्त मच्छरों को बैठने के लिए जगह उपलब्ध कराएंगे। हम सब मिलकर देश को नंबर वन बनाएंगे। सभी युवा मच्छरों को रोजगार गारंटी योजना से जोड़ेंगे।गरीबी मिटाई जायेगी। देश में आधुनिक अस्पताल बनाए जायेंगे। देश में सिर्फ कानून का राज होगा। मेंनिफेस्टो जब कक्का ने पढ़ा तो बोले बेटा राजनीति में सिर्फ जोश से काम न चले, होश सोई जरूरी है, तुमाये घोषणापत्र में चुनाव जीतवे की कोई पिलानिंग नजर नई आत है। यह सुनकर एक फॉरेन रिटर्न जेन जी मच्छर अपने मासक्यूटो स्टाइल में बोला… व्हाटस द प्रॉब्लम विद दिस मेनिफेस्टो? यू आर एन आउट डेटेड लीडर अंकल, नाऊ टाइम् हेज चेंजड…। कक्का उसकी बात समझ नहीं पाए तो एक शहर में पढ़े लिखे मच्छर ने कहा कि कक्का आप ही बना दीजिए मेनिफेस्टो। तो कक्का बोले बेटा मेंनिफेस्टो हमेशा समाज को तोड़ने वाला होना चाहिए तुम्हारा तो जोड़ने वाला है, इससे चुनाव थोड़ी जीते जाते हैं।  फिर कक्का ने समझाया कि सबसे पहले तो घर में उड़ने वाले और घूरे पर बैठने वाले मच्छरों की अलग अलग लिस्ट बनाओ, मादाओं की भी लिस्ट अलग बनाओ। मलेरिया फैलाने वाले, डेंगू वाले, युवा बुजुर्ग, जेन जी और अगेन जी की लिस्ट अलग करो, पॉश इलाके में कौन  भिनभिनाता और झुग्गी में कौन झक् मारता है और बिना किसी कारण के कौन भिन भिन कर सकता है उनकी लिस्ट सबसे ऊपर बनाओ उन्हें  ही पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त करना है और सबसे खास यह कि मंदिर में उड़ने वाले और मस्जिद में उड़ने वाले मच्छरों की लिस्ट सबसे पहले बनाकर लाओ फिर इन सबसे अलग अलग हमारी मीटिंग फिक्स करो और जो पिछले साल घूरे वाले मच्छरों को डीडीटी छिड़ककर मारा था उनकी विधवाओं को टीवी पर दिखाने के लिए मीडिया को सेट करो और मीडिया को यह भी बताओ कि घूरे पर हर साल जो मच्छरों की अकाल मौत होती है उसके लिए जिम्मेदार हैं पॉश इलाकों में उड़ने वाले मच्छर… तुम सब यह लिस्ट बनाओ मैं तुम्हारा मेंनिफेस्टो तैयार करता हूं। कक्का ने यह भी कहा कि मुझे अब राजनीति से कोई मतलब नहीं है, एक सफल नेता वाली सभी उपलब्धियां मैं हासिल कर चुका हूँ, मैंने चुनाव जीते,मंत्री बना,पैसा कमाया और आखिर में जेल भी गया, एक नेता को और क्या चाहिए इसलिए अब मुझे कोई इंट्रेस्ट नहीं रहा लेकिन मैं तुम्हारा घोषणापत्र बना दूँगा जो तुम्हें जितायेगा। खैर कक्का के कहे अनुसार अलग अलग लिस्ट बनाई गई और सबसे कक्का की मीटिंग करायी गई। कक्का ने घूरे वालों से कहा कि ये पॉश कॉलोनी में उड़ने वाले मच्छर तुम्हारा हक मारते हैं इसलिए तुम 70 प्रतिशत आरक्षण की मांग करो, तुम्हारी संख्या भी ज्यादा है इसलिए तुम्हें कोई इंकार नहीं कर सकता, मादा मच्छरों से कक्का ने कहा कि मलेरिया फैलाने की ताकत ईश्वर ने सिर्फ तुम्हें दी है फिर यह नर मच्छर दादागिरी कैसे कर सकते हैं? ये तो किसी काम के नहीं हैं। कुल मिलाकर सबको आपस में लड़ाने के बाद मच्छर कक्का ने मच्छरों की अखिल भारतीय सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ” हमें आपस में नहीं लड़ना है, हम सब एक है, हमारी लड़ाई कॉकरोच पार्टी से है, हम सब मिलकर अपनी सरकार बनाएंगे और  इस कॉकरोच पार्टी को बाहर करेंगे जिसने मच्छरों के लिए कुछ नहीं सोचा। अब हम खुद अपने बारे में सोचेंगे हमारी सरकार बनी तो घूरे वाले सभी मच्छरों को पॉश इलाकों में शिफ्ट किया जाएगा, मादा मच्छरों को सत्ता सौंपी जायेगी मंदिर में घंटी नहीं बजने दी जायेगी क्योंकि उससे बेकसूर मच्छरों की मौत हो जाती  हैं और मस्जिद में उड़ने वाले मच्छरों को सब्सिडी दी जायेगीl कुल मिलाकर कक्का का भाषण जोरदार रहा और उन्हें पार्टी ने उन्हें अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया, जिन युवा मच्छरों ने पार्टी शुरू की थी वो एक एक करके पार्टी छोड चुके और इधर ना ना करते-करते कक्का ने हाँ कर दी और देश उलझ गया कॉकरोच और मच्छर के चक्कर में, और अब इधर दोनों मिलकर काम करेंगे कॉकरोच कपड़ों में छेद करेंगे और मच्छर खून चूसेंगे, देश ऐसे ही  चलता रहेगा मिलजुलकर….. 

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