
मुंबई। विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर ने वर्ली क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के बीच स्थानीय नागरिकों की मूलभूत समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उनके कार्यालय में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिडे के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र की लंबित नागरिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक जाम, ठोस कचरा प्रबंधन, पार्किंग और फ्लाईओवर कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों की समीक्षा की गई। सचिन अहीर ने वर्ली धोबीघाट में प्रसूति गृह और बच्चों के विशेष अस्पताल की स्थापना, माता रमाई आंबेडकर हिंदू श्मशानभूमि की सुविधाओं को मजबूत करने, आचार्य अत्रे चौक मेट्रो स्टेशन के सामने फुटपाथ का कार्य जल्द पूरा करने तथा कोस्टल रोड क्षेत्र में उद्यानों के विकास, रखरखाव और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने नेहरू साइंस सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास जमा निर्माण मलबा (डेब्रिस) तत्काल हटाकर जगह खाली कराने और मेट्रो का कार्य पूरा होने के बाद एमएमआरडीए द्वारा संबंधित भूमि बीएमसी को सौंपने के निर्देश भी दिए। साथ ही सात रस्ता स्थित मोनोरेल ब्रिज और मेट्रो स्टेशन के बीच कनेक्टिविटी का कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में बीएमसी के वाहन पार्किंग स्थलों पर स्थानीय नागरिकों के लिए रियायती मासिक पे एंड पार्क पास उपलब्ध कराने तथा कचरा निस्तारण के लिए नए और उन्नत डंपिंग ग्राउंड प्लान तैयार करने के सुझाव भी दिए गए। सचिन अहीर ने कहा कि वर्ली के विकास के साथ स्थानीय नागरिकों के हितों और उनके पुनर्वास की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में बीएमसी के संबंधित विभागों के उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक के दौरान मुंबई में राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज का भव्य स्मारक बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस स्मारक के लिए भूमि उपलब्ध कराने के विषय में सचिन अहीर ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे से विचार-विमर्श किया।

