
विभाग के लिए 8 हजार 767 पदों को मंजूरी
मुंबई। राज्य के मृदा (मिट्टी) एवं जलसंधारण विभाग के पुनर्गठन के साथ विभाग के लिए लगभग 8 हजार 767 पदों के संरचना को गुरुवार को मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। वर्ष 2017 में ग्रामविकास एवं जलसंधारण विभाग से मृदा एवं जलसंधारण इस स्वतंत्र विभाग की स्थापना की गई थी। छत्रपति संभाजीनगर में आयुक्तालय की स्थापना सहित क्षेत्रीय स्तर की यंत्रणा के लिए लगभग 16 हजार 423 पदों का आकृतिबंध निर्धारित किया गया था। इसमें मूल विभाग के 6 हजार 481 पद तथा कृषि विभाग से 9 हजार 942 पदों का वर्गीकरण अपेक्षित था। इस पर उच्चस्तरीय सचिव समिति ने मृदा एवं जलसंधारण विभाग के लिए मंजूर 6 हजार 481 तथा महाराष्ट्र जलसंधारण महामंडल के लिए मंजूर 2 पदों सहित कुल 6 हजार 483 पदों के अतिरिक्त लगभग 2 हजार 284 बढ़े हुए पदों सहित 8 हजार 767 पदों के संशोधित आकृतिबंध को मंजूरी दी। इसके अलावा विभाग की क्षेत्रीय यंत्रणा के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत प्रादेशिक जलसंधारण अधिकारी के छह कार्यालयों के 102 पद समाप्त किए जाएंगे। वर्तमान में जलसंधारण अधिकारियों के 31 कार्यालय हैं और संशोधित आकृतिबंध में राज्य के 34 जिलों के लिए 34 कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। वर्धा, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों में नए जिला जलसंधारण अधिकारी कार्यालय शुरू किए जाएंगे।महानगरपालिका क्षेत्रों में मृदा एवं जलसंधारण के कार्य बड़े पैमाने पर करने पड़ते हैं। इसके लिए मुंबई महानगर क्षेत्र की नौ महानगरपालिकाओं हेतु तीन पथक (9 पद), पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की 2 महानगरपालिकाओं हेतु 1 पथक (3 पद), नाशिक और मालेगांव महानगरपालिका हेतु 1 पथक (3 पद), तथा शेष 16 महानगरपालिकाओं में वरिष्ठ अभियंता अथवा सहायक अभियंता श्रेणी के (प्रत्येकी 1 पद) इस प्रकार 16 पद शामिल किए गए हैं। इस प्रकार 29 महानगरपालिकाओं के लिए 31 नए पद शामिल किए गए हैं। मृदा एवं जलसंधारण विभाग के अंतर्गत जिला परिषद की लघु पाटबंधारे यंत्रणा में जिला जलसंधारण अधिकारियों के 30 कार्यालय हैं, जिनकी संख्या चार से बढ़ाई जाएगी। कोल्हापुर, लातूर, रत्नागिरी और रायगढ़ इन चार जिलों में नए कार्यकारी अभियंता (जि.प. लघु पाटबंधारे) कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए 408 पदों को मंजूरी दी गई है। उप अभियंताओं के वर्तमान में 142 उपविभागीय कार्यालय हैं। नए 33 कार्यालय शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक उपविभाग के अंतर्गत 8 पथक बनाए जाएंगे। इसके अनुसार 175 उपविभागों के लिए 8 पथकों के अनुसार कुल 1400 पथक निर्मित किए जाएंगे। राज्य में वर्तमान में 1543 मेगा वॉटरशेड हैं, जिनका विभाजन 57 हजार 842 माइक्रो वॉटरशेड में किया गया है। इनमें एक माइक्रो वॉटरशेड में 800 से 900 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल होता है। इसलिए औसतन 40 माइक्रो वॉटरशेड के लिए 1 पथक कार्य करेगा। महाराष्ट्र जलसंधारण महामंडल के लिए मंजूर दो पदों के अतिरिक्त बढ़े हुए 19 पदों सहित कुल 21 पदों को मंजूरी दी गई है। मंत्रालय में अधीक्षक अभियंता तथा पदसिद्ध उपसचिव का पद समाप्त कर उसके स्थान पर उप अभियंता संवर्ग के 3 अतिरिक्त पद मंजूर किए गए हैं। साथ ही विभाग के लिए प्रतिनियुक्ति पर विधि अधिकारी का एक तथा वाहन चालक का एक पद सहित कुल 12 पदों का समावेश किया गया है।




