
मुंबई। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राजस्व विभाग आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है और इसकी सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभागीय आयुक्तों की एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति प्रत्येक माह विशेष अभियान चलाने के लिए एक कार्य रूपरेखा तैयार करेगी, जिसमें केवल संख्यात्मक उपलब्धियों के बजाय सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर अभियान’ की राज्यस्तरीय समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में विधायक प्रसाद लाड़, विक्रांत पाटिल, योगेश तिलेकर तथा अपर मुख्य सचिव विकास खरगे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समिति के अन्य सदस्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राज्य के सामान्य नागरिकों, किसानों और विद्यार्थियों को राजस्व विभाग की सेवाएं तेज़ी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे लोगों के बीच विभाग की विश्वसनीयता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में विधान परिषद सदस्यों के समन्वय से इस अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। विधायक विक्रांत पाटिल को राज्यस्तरीय समन्वयक नियुक्त किया गया है, जो जनसहभागिता बढ़ाने का कार्य देखेंगे। प्रत्येक जिले की जिम्मेदारी विधान परिषद सदस्यों को देकर अभियान की निगरानी की जाएगी। बैठक में नोंदणी महानिरीक्षक कार्यालय तथा जमाबंदी आयुक्त कार्यालय के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने जिला नियोजन समितियों से इसके लिए निधि उपलब्ध कराने के प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही 300 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य और सड़क संबंधी लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। अपर मुख्य सचिव वियक्स खरगे ने कहा कि पिछले तीन महीनों से छह विभागों में चलाया जा रहा यह अभियान राजस्व विभाग के इतिहास का एक अनूठा उपक्रम है। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी के कारण विभाग की योजनाओं की जानकारी सीधे नागरिकों तक पहुंची है और विभाग के प्रति विश्वास बढ़ा है। बैठक में यह भी बताया गया कि सोलापुर जिले में ‘सुराज्य ग्राम मुक्काम’ अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत तालुका स्तर के अधिकारी सप्ताह में एक दिन गांवों में रुकेंगे और प्रतिदिन तीन गांवों का दौरा कर नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे। ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। राजस्व मंत्री ने इस मॉडल का अध्ययन कर इसे राज्यभर में लागू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए।




