Thursday, March 19, 2026
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सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न, प्रयागराज की तर्ज पर बनेगा कुंभ मेला प्राधिकरण: देवेंद्र फडणवीस

नासिक। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र के धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास के लिए तैयार किए गए आराखड़े के पहले चरण के कार्यों को मंजूरी देकर शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह सभी कार्य उच्च गुणवत्ता और बेहतरीन मानकों के अनुसार होंगे। राज्य सरकार की ओर से इन विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधि प्रदान की जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही। मुख्यमंत्री श्री फडणवीस शासकीय विश्रामगृह में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत त्र्यंबकेश्वर विकास के लिए तैयार किए गए आराखड़े की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इस अवसर पर जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, विधायक देवयानी फरांडे, सीमा हिरे, डॉ. राहुल आहेर, विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रय कराळे, पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, जिलाधिकारी जलज शर्मा, महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशिमा मित्तल, नासिक महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. माणिकराव गुरसळ, पुलिस अधीक्षक विक्रम देशमाने, सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों को मिलेगी गति
आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा। कुंभ मेले के दौरान नासिक और त्र्यंबकेश्वर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिकतम उपयोग में लाया जाएगा और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। कचरा प्रबंधन और शौचालय व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा, ऐसी महत्वपूर्ण निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।
प्रयागराज की तर्ज पर बनेगा कुंभ मेला प्राधिकरण
मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर जल्द ही कुंभ मेला प्राधिकरण कानून बनाया जाएगा। इससे कुंभ मेले से जुड़े कार्यों को कानूनी ढांचा प्राप्त होगा और भीड़ प्रबंधन को सुचारू रूप से किया जा सकेगा। आयोजन के दौरान विभिन्न सुविधाओं के उत्तम प्रबंधन के लिए यह आवश्यक है। इसके अलावा, गोदावरी नदी के शुद्धिकरण के लिए मल-निस्सारण परियोजनाओं को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा और इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, दीर्घकालिक परियोजनाओं पर भी जल्द से जल्द कार्यवाही शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री शर्मा ने त्र्यंबकेश्वर विकास आराखड़े का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर विकास आराखड़ा 1100 करोड़ रुपये का है, जिसके अंतर्गत इस क्षेत्र के आध्यात्मिक और पर्यटन महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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