
मुंबई। नगर विकास, परिवहन, सामाजिक न्याय, चिकित्सा शिक्षा, अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए, पुनर्विकास योजनाओं को गति दी जाए और नियोजन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां नियमों और कार्यप्रणाली में भी सुधार किए जाएं, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें। सोमवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में पुणे महानगरपालिका और पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के अंतर्गत चल रही पुनर्विकास परियोजनाओं, नगर नियोजन, यातायात प्रबंधन तथा विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में पीएमआरडीए आयुक्त अभिजीत चौधरी, पुणे महानगरपालिका के शहर अभियंता पावसकर, महाप्रीत के प्रबंध निदेशक बिपीन श्रीमाली, नगर रचना विभाग की सहसचिव एवं निदेशक सुलेक्खा वैजापुरकर, मराठी बिल्डर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मराठी बिल्डर्स एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मांगों और सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि नगर विकास से जुड़े सभी निर्णय नागरिक-केंद्रित होने चाहिए तथा विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए वृक्ष संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
समीक्षा के दौरान पुणे शहर में पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत सड़क चौड़ीकरण, ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR), नगर नियोजन सड़कों के विकास, एकीकृत विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियमावली (UDCPR) के अंतर्गत अतिरिक्त एफएसआई प्रावधान, स्व-पुनर्विकास परियोजनाओं को प्रोत्साहन तथा पीएमआरडीए के विकास आराखड़े के अंतर्गत सड़क, आरक्षण और क्षेत्रीय नियोजन जैसे विषयों पर विस्तार से विचार किया गया। मंत्री ने सभी संबंधित विषयों का अध्ययन कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक के दूसरे चरण में पुणे और मुंबई की झुग्गी पुनर्वास (स्लम रिहैबिलिटेशन) योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री माधुरी मिसाल ने निर्देश दिए कि इन योजनाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) और महाप्रीत के माध्यम से पायलट आधार पर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। इस बैठक में महाप्रीत के प्रबंध निदेशक बिपीन श्रीमाली, पुणे एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार खडके, आवास विभाग के उप सचिव चंद्रशेखर तरंगे तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सलाहकार संस्था की नियुक्ति, चल रही योजनाओं का सर्वेक्षण, क्षेत्रवार आंकड़ों का परीक्षण, सीमाओं का संशोधन, दृश्य सत्यापन और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका, जिलाधिकारी, म्हाडा और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आवश्यक सर्वेक्षण शीघ्र पूर्ण कर वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से किया जा सके।

