
भूपेंद्र सिंह/उन्नाव, उत्तर प्रदेश। क्षेत्र के एक गांव से रिश्तों को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। जहां मामूली विवाद ने ऐसा रूप ले लिया कि सगे भाई ने ही भाई की जान ले ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी भाई को हिरासत में ले लिया। शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आसत मोहीउद्दीनपुर निवासी रामशंकर के सभी पुत्र गैर प्रांत में रहकर गमले बनाने का काम करते हैं। उनके दो बेटे लक्ष्मी नारायण और कैलाश केरल में अलग-अलग दुकानें संचालित करते थे। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन कैलाश गमला बनाने का फरमा लेकर अपने भाई लक्ष्मी नारायण की दुकान पर गया था। देर हो जाने के कारण वह वहीं रुक गया। इसी दौरान दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कैलाश ने गुस्से में आकर लक्ष्मी नारायण (32) के सिर पर भारी वस्तु से वार कर दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी कैलाश को हिरासत में ले लिया। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को मृतक का शव उसके पैतृक गांव आसत मोहीउद्दीनपुर लाया गया। शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी राधा, पुत्र हर्ष, पुत्री काव्या और मां चुन्नी सहित सभी परिजन बेसुध हो गए। गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। देर शाम क्षेत्र के नानामऊ घाट पर गमगीन माहौल में लक्ष्मी नारायण का अंतिम संस्कार कर दिया गया। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्षणिक आवेश किस तरह अपनों को ही छीन लेता है।




