
कोल्हापुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोल्हापुर ने सार्वजनिक बांधकाम विभाग (पीडब्ल्यूडी) शाहूवाड़ी में पदस्थ शाखा अभियंता विजयकुमार विलास बनमोरे को 38,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अभियंता पर सड़क और पुल निर्माण कार्यों के बिल मंजूर करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। बुधवार को एसीबी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, शिकायतकर्ता ने सार्वजनिक बांधकाम विभाग, शाहूवाड़ी के माध्यम से मुख्य ठेकेदार से दो निर्माण कार्य उपठेके (सब-कॉन्ट्रैक्ट) के रूप में लिए थे। इनमें शिरोळे वाडळुंग पुल का कार्य तथा कर्नवाडी (धनगरवाडा) से सोनवाड़ी (विटेले) गांव तक लगभग दो किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण और खडीकरण का कार्य शामिल था।आरोप है कि दोनों कार्यों के बिल मंजूर कराने के लिए शाखा अभियंता विजयकुमार बनमोरे ने शिकायतकर्ता से 34,700 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने एंटी करप्शन ब्यूरो, कोल्हापुर से शिकायत की।शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने नियमानुसार शिकायत का सत्यापन किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अभियंता ने बिल मंजूर कराने के बदले 38,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद एसीबी ने जाल (ट्रैप) बिछाया और शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजयकुमार विलास बनमोरे (50 वर्ष), शाखा अभियंता, वर्ग-2, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, शाहूवाड़ी, जिला कोल्हापुर के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध शाहूवाड़ी पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक श्री शिरीष सरदेशपांडे तथा अपर पुलिस अधीक्षक श्री अर्जुन भोसले के मार्गदर्शन में पुलिस उपाधीक्षक वैष्णवी पाटील के नेतृत्व में एसीबी की टीम ने की। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक प्रकाश भंडारे सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।एंटी करप्शन ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी वैध सरकारी शुल्क के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है, तो तत्काल एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



