
वैधानिक विकास मंडल के गठन तक नए विकास बैकलॉग पर रहेगी नजर; धान बोनस, औद्योगिक निवेश, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और जिला विकास योजना पर सरकार का फोकस
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार विदर्भ में विकास का कोई नया बैकलॉग (अनुशेष) नहीं बनने देगी और विधानसभा में किए गए हर आश्वासन को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। यह जानकारी राज्य मंत्री एडवोकेट आशिष जयस्वाल ने विधानसभा में दी। वह सदस्य सुधीर मुनगंटीवार द्वारा उठाई गई आधे घंटे की चर्चा का जवाब दे रहे थे। राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल ने कहा कि वैधानिक विकास मंडल के गठन तक विदर्भ, मराठवाड़ा और शेष महाराष्ट्र में विकास का नया बैकलॉग नहीं बनने दिया जाएगा। इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभागवार बजटीय प्रावधान और वास्तविक व्यय का विवरण नियमित रूप से विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वैधानिक विकास मंडल केवल विदर्भ के लिए नहीं, बल्कि विदर्भ, मराठवाड़ा और राज्य के अन्य पिछड़े क्षेत्रों को समान न्याय दिलाने के उद्देश्य से बनाया जाएगा। महाराष्ट्र का संतुलित विकास सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और राज्य का कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित नहीं रहेगा। राज्यमंत्री ने बताया कि विदर्भ और मराठवाड़ा में सरकारी नौकरियों के रिक्त पदों की जानकारी एकत्र कर बैकलॉग दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक पद रिक्त नहीं रहने दिए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों को नक्सल भत्ता देने तथा नई नियुक्तियों में विदर्भ को प्राथमिकता देने पर भी सरकार विचार करेगी। धान उत्पादक किसानों को बोनस देने के संबंध में सरकार का रुख सकारात्मक है और इस विषय पर निर्णय प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि मानव विकास अभियान के स्थान पर राज्य के 177 आकांक्षी तालुकों के लिए नया विकास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें विदर्भ के अधिकाधिक तालुकों को शामिल किया जाएगा। विदर्भ में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उद्योग मंत्री तथा आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर नए उद्योग और निवेश लाने के प्रयास किए जाएंगे। वन क्षेत्रों और वन्यजीव-मानव संघर्ष से प्रभावित इलाकों के लिए अलग विकास कार्यक्रम तैयार करने पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है। पर्यटन, सौर कृषि पंप, कृषि बिजली कनेक्शन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए भी आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। राज्यमंत्री जयसवाल ने बताया कि ‘विकसित महाराष्ट्र-2047’ के तहत प्रत्येक जिले के लिए अलग डिस्ट्रिक्ट स्ट्रैटेजी प्लान तैयार किया गया है। इसमें प्रत्येक जिले की विकास संबंधी जरूरतों, प्राथमिक क्षेत्रों और आवश्यक निवेश के आधार पर कार्ययोजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य का हर जिला विकसित नहीं होगा, तब तक महाराष्ट्र का संतुलित विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में विदर्भ में आधारभूत ढांचे, उद्योग और निवेश के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में विदर्भ को दोबारा विकास के बैकलॉग का सामना न करना पड़े। इस चर्चा में विधायक रणधीर सावरकर, हेमंत ओगले और कैलास पाटील ने भी भाग लिया।



