
नागपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) नागपुर ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में पदस्थ पुलिस हवलदार को 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी हवलदार ने सड़क दुर्घटना से जुड़े एक आपराधिक मामले की चार्जशीट की प्रति उपलब्ध कराने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय दबोच लिया।एसीबी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ब्यूरो से संपर्क कर बताया था कि उसने दुर्घटना में हुए नुकसान की भरपाई (मुआवजा) के लिए न्यायालय में दावा दायर किया है। इस मामले की सुनवाई के लिए संबंधित आपराधिक प्रकरण की चार्जशीट (दोषारोप पत्र) की प्रति आवश्यक थी। यह मामला गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दर्ज था और चार्जशीट की प्रति उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पुलिस हवलदार आशीष निकोडे के पास थी।आरोप है कि पुलिस हवलदार ने शिकायतकर्ता से चार्जशीट की प्रति देने के एवज में 3,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने एंटी करप्शन ब्यूरो नागपुर से शिकायत की।शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने नियमानुसार शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर 1 जुलाई 2026 को ट्रैप (जाल) की कार्रवाई की गई। इस दौरान शिकायतकर्ता जैसे ही आरोपी को 3,000 रुपये देने पहुंचा, आरोपी ने रकम स्वीकार कर ली। पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पुलिस हवलदार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।एसीबी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की आगे की जांच जारी है।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर तथा विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक महेश भोरटेकर ने किया। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक जितेंद्र बेरागड़े, सहायक पुलिस निरीक्षक आशीष वैद्य, पुलिस हवलदार दिलीप तांबडे, पुलिस हवलदार वाईडकर, प्रफुल भातुलकर, स्वाती हिंगडिया तथा चालक पुलिस हवलदार राजेंद्र जांभुळकर सहित एसीबी की टीम शामिल रही।एसीबी नागपुर ने नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, गडचिरोली और चंद्रपुर जिलों के नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी वैध शासकीय शुल्क के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है, तो तत्काल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क करें। एसीबी ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी तथा ट्रैप के दौरान उपयोग की गई रिश्वत की राशि नियमानुसार वापस कर दी जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ता का सरकारी विभाग में लंबित वैध कार्य भी नियमानुसार पूरा कराया जाएगा।



