
जायकवाड़ी जलापूर्ति योजना समयबद्ध पूरी करने के निर्देश, अधूरे कार्य जल्द समाप्त करने पर जोर
मुंबई। छत्रपति संभाजीनगर शहर के नागरिकों को नियमित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जायकवाड़ी परियोजना से संचालित जलापूर्ति योजना का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वर्षा निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि योजना का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कर शहरवासियों को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, सांसद संदीपान भुमरे, विधायक सतीश चव्हाण तथा पूर्व सांसद डॉ. भागवत कराड उपस्थित थे। जबकि पिछड़ा वर्ग बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे और जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जलाशयों (ओवरहेड टैंकों) का निर्माण, शहर की वितरण प्रणाली तथा अन्य अधूरे कार्य तत्काल पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित विभाग स्थल निरीक्षण कर ठेकेदार के साथ अलग बैठक आयोजित करे और कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करे।फडणवीस ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक नियमित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए महानगरपालिका, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और जलापूर्ति विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। शहर में नए जल कनेक्शनों की संख्या बढ़ाई जाए तथा ठेकेदार के कार्यों का नियमित मूल्यांकन किया जाए। वितरण प्रणाली का हाइड्रोलिक परीक्षण भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने ठेकेदार को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने, चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार कर अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने तथा पुरानी जल वितरण प्रणाली के पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में खुदाई वाले मार्गों और गड्ढों की तत्काल मरम्मत की जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। बैठक में जलापूर्ति विभाग के प्रधान सचिव पराग जैन ने योजना की प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान संभाजीनगर के महापौर समीर राजूरकर, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल, स्थायी समिति अध्यक्ष अनिल मकरिये, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव के. गोविंदराज, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव नायक, महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
योजना की प्रमुख बातें
जायकवाड़ी परियोजना से वर्ष 2052 की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन 604 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके तहत शहर में 59 जलाशय बनाए जाने हैं, जिनमें से 29 का निर्माण पूरा हो चुका है। 1,911 किलोमीटर लंबी जल वितरण पाइपलाइन में अब तक 1,291 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि 46,500 घरेलू जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।



