
मुंबई (इंद्र यादव)। नवी मुंबई में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अभूतपूर्व कार्रवाई करते हुए पिछले चार वर्षों में ‘नशा मुक्त नवी मुंबई’ अभियान के तहत 136.03 करोड़ रुपये की नशीली दवाएं जब्त की हैं और 2,396 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिलिंद भारम्बे के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान NDPS एक्ट के तहत 1,993 मामले दर्ज किए गए, जबकि अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1,571 विदेशी नागरिकों को देश से डिपोर्ट और 911 को ब्लैकलिस्ट किया गया। पुलिस ने ‘ऑपरेशन गरुड़’, ‘अफ्रीकन किचन’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे विशेष अभियानों के जरिए स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैले ड्रग नेटवर्क पर एक साथ प्रहार किया, जिसमें 75 अधिकारियों और 300 पुलिसकर्मियों की टीम ने 25 स्थानों पर छापेमारी कर कोकीन, एमडी और ट्रामाडोल की बड़ी खेप बरामद की। एंटी-नारकोटिक्स सेल की जांच में थाईलैंड और मलेशिया से जुड़े हाइड्रोपोनिक गांजा रैकेट का भी पर्दाफाश हुआ, जिसमें मुख्य आरोपियों नवीन और धीरज चिंचकर को मलेशिया से गिरफ्तार किया गया। विभागीय सख्ती दिखाते हुए ड्रग तस्करों से मिलीभगत के आरोप में दो पुलिस कांस्टेबलों को बर्खास्त किया गया, जबकि एक कस्टम अधिकारी और दो पोस्टल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, पंजाब से संचालित हेरोइन तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर करीब 5.32 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की गई और 44 आरोपियों को अमृतसर, पुणे और चेन्नई से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस कमिश्नर मिलिंद भारम्बे ने स्पष्ट किया कि नवी मुंबई को नशामुक्त बनाना प्राथमिकता है और ड्रग्स के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




