Monday, May 25, 2026
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मुंबई में पेट्रोल ₹111 के पार: प्रियंका चतुर्वेदी का केंद्र पर हमला, कहा— ‘अब डीजल भी ₹100 की ओर’

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 111 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई, जिसके बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुंबई में पेट्रोल अब “शगुन” वाले 111 रुपये के आंकड़े तक पहुंच चुका है और यदि यही हाल रहा तो जल्द ही डीजल भी 100 रुपये प्रति लीटर के पार चला जाएगा। प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “मुंबई में पेट्रोल की कीमत शगुन के 111 रुपये तक पहुंच गई है। अगले 24 घंटों में डीजल की कीमतों में भी और बढ़ोतरी संभव है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकारी तेल कंपनियों ने दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की है। सोमवार की नई वृद्धि के तहत पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इसके साथ ही 15 मई से अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुल लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है। ताजा दरों के अनुसार मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जो देश के सबसे महंगे ईंधन दरों में शामिल है। इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को भी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की गई थी। लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के बाद तेल कंपनियों द्वारा अचानक लगातार संशोधन किए जाने से आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।सबसे अधिक असर रोजमर्रा के यात्रियों, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, डिलीवरी सेवाओं और छोटे व्यापारियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पहले से महंगाई और बढ़ती लागत से जूझ रहे लोगों के लिए यह नई बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ बनकर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में माल ढुलाई संबंधी बाधाएं और ईरान से जुड़े तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। वैश्विक स्तर पर अस्थिर हालात का असर अब सीधे भारतीय बाजार और आम जनता की जेब पर दिखाई देने लगा है। ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि बढ़ती महंगाई, घरेलू खर्च और बेरोजगारी के बीच सरकार आम नागरिकों को राहत देने के बजाय लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। वहीं आम लोग अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़े तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।

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