
इंद्र यादव/पालघर। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पालघर लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने वसई तहसील के मौजे बिलालपाडा (पेलहार) क्षेत्र में तैनात ग्राम राजस्व अधिकारी (तलाठी) उज्वला प्रवीण पाटील को ₹45 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने निर्माण कार्य और मिट्टी भराई का सरकारी पंचनामा न करने के एवज में कुल ₹1 लाख 95 हजार की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता और उनके मामा महेंद्र यादव चॉल निर्माण का कार्य करते हैं तथा वर्ष 2015 में खरीदी गई बिलालपाडा स्थित जमीन पर निर्माण को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि उज्वला पाटील ने निर्माण और मिट्टी भराई का पंचनामा बनाने की धमकी देकर पहले निर्माण कार्य के लिए ₹45 हजार और मिट्टी भराई के लिए ₹1.50 लाख की मांग की। पीड़ित की शिकायत पर एसीबी ने 21 और 22 मई 2026 को सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 25 मई 2026 को दोपहर करीब 12:41 बजे पेलहार स्थित सरकारी केबिन में जाल बिछाया गया और जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किस्त ₹45 हजार आरोपी अधिकारी को सौंपी, एसीबी टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पेलहार पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस उप-अधीक्षक दादाराम करांडे के नेतृत्व में योगेश धारणे, जितेंद्र गवली, गीता कहार, आकाश लोहारे, प्रकाश दलवी और विलास भोये की टीम ने की, जबकि मामले की जांच पुलिस निरीक्षक राकेश डांगे कर रहे हैं।




