
देशभर के 48 शिक्षकों का चयन, 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित
नई दिल्ली। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज के प्रति उल्लेखनीय योगदान देने वाले देशभर के 48 शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है। इनमें महाराष्ट्र के चार शिक्षकों को भी यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलेगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन नवाचारी शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, व्यक्तित्व विकास, विद्यालय के समग्र विकास और सामाजिक सरोकारों के आधार पर किया गया है।
महाराष्ट्र के चार शिक्षकों का चयन
डॉ. कविता नरसिंहराव गिट्टे (बीड): केज स्थित साने गुरुजी आवासीय विद्यालय में कार्यरत डॉ. गिट्टे ने दिव्यांग, गन्ना कटाई मजदूरों के बच्चों और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में उल्लेखनीय कार्य किया है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराते हुए उन्होंने स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कुंदा जयवंत बच्छाव (नाशिक): नाशिक महानगरपालिका स्कूल क्रमांक-18 की शिक्षिका कुंदा बच्छाव ने ‘मिशन मोबाइल-फ्री’, ‘ज्ञानभिंत’, ‘आनंदवली शिक्षण कट्टा’ और अमेरिका के स्कूलों के साथ ई-ट्विनिंग जैसे नवाचारों के जरिए विद्यार्थियों को डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय शिक्षण का अनुभव उपलब्ध कराया।
वैभव वसंतराव कुलकर्णी (लातूर): पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, लातूर में कार्यरत वैभव कुलकर्णी ने ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की।
शिवप्रसाद अरविंद टिंगरे (सातारा): सैनिक स्कूल, सातारा के शिक्षक शिवप्रसाद टिंगरे ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने एनडीए और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी छात्रों का मार्गदर्शन किया।
तीन चरणों में हुई चयन प्रक्रिया
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए इस वर्ष जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में चयन प्रक्रिया पूरी की गई। 15 जून से 20 जुलाई 2026 तक केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। शिक्षकों का मूल्यांकन विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारी शिक्षण, विद्यालय विकास और वंचित वर्ग के लिए किए गए कार्यों के आधार पर किया गया। शिक्षक दिवस पर विज्ञान भवन में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुरस्कार प्रदान करेंगी। समारोह में सम्मानित शिक्षकों के प्रेरणादायी कार्यों पर आधारित लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन, शिक्षा मंत्रालय के ‘स्वयं प्रभा’ चैनल, आधिकारिक वेबकास्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा।

