
नागपुर। नागपुर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर भड़की हिंसा के बाद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने मंगलवार को प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया, ताकि निवासियों के बीच विश्वास बहाल किया जा सके। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने बताया कि मामले दर्ज किए गए हैं और गिरफ्तारियां हो रही हैं। उन्होंने कहा, “शांति स्थापित करने के लिए हमारी कार्रवाई जारी है। सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है और हमें जो जानकारी मिल रही है, उसकी जांच हो रही है। क्या कोई साजिश कर रहा था और कितने लोग इसमें शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है। हिंसा की शुरुआत सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे चिटनिस पार्क में हुई, जब एक पवित्र पुस्तक को जलाने की अफवाह के बाद पुलिस पर पथराव किया गया। इसके बाद रात साढ़े दस से साढ़े ग्यारह बजे के बीच ओल्ड भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में एक और हिंसक घटना घटी, जिसमें कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और घरों व एक क्लिनिक में तोड़फोड़ की गई। अब तक पुलिस ने 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है और पांच एफआईआर दर्ज की हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है, जो अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा। कर्फ्यू कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर पुलिस थाना सीमाओं पर लागू किया गया है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।




