
मुंबई। मुंबई मेट्रो लाइन-3 के बहुप्रतीक्षित दूसरे चरण का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया, जिसमें बीकेसी (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) से आचार्य अत्रे चौक तक का 9.77 किमी लंबा मार्ग शामिल है। इस चरण के साथ मेट्रो-3 का कुल 22 किलोमीटर हिस्सा जनता के लिए खुल चुका है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आचार्य अत्रे चौक से कुलाबा तक के अंतिम हिस्से का उद्घाटन अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा। बीकेसी स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर मेट्रो सेवा की शुरुआत की गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री शिंदे और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने बीकेसी से सिद्धिविनायक तक यात्रा कर मेट्रो सेवा का अनुभव लिया। इस अवसर पर जापान के महावाणिज्यदूत यागी कोजी, प्रभारी मुख्य सचिव राजेश कुमार, बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी और मेट्रो प्रबंध निदेशक अश्विनी भिडे भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने मेट्रो निर्माण को इंजीनियरिंग का चमत्कार बताया, क्योंकि यह मार्ग मिठी नदी के नीचे से और गिरगांव जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है। उन्होंने बताया कि अब केवल दो स्टेशनों का कार्य शेष है, जो तेजी से पूरा किया जा रहा है। मेट्रो-3 हवाई अड्डों से भी जुड़ने जा रही है, जिससे यात्रियों को बेहतर और निर्बाध परिवहन सुविधा मिलेगी। सभी स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और प्रवेश के लिए अनेक द्वार बनाए गए हैं ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर हो सके। राज्य सरकार की योजना है कि वर्ष 2025 तक 100 किमी मेट्रो मार्ग चालू किया जाए। जिसमें इस वर्ष 50 किमी और अगले वर्ष फिर 50 किमी मेट्रो मार्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेट्रो, बेस्ट और लोकल ट्रेन सेवाओं को एकीकृत टिकटिंग प्रणाली से जोड़ने की दिशा में कार्य जारी है ताकि यात्री एक ही टिकट से संपूर्ण यात्रा कर सकें। इसके अलावा, बेस्ट ने गूगल के साथ करार किया है जिससे यात्रियों को रियल-टाइम बस लोकेशन और यात्रा नियोजन की सुविधा मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे मुंबईकरों के लिए खुशी का दिन बताया और कहा कि मेट्रो सेवा से प्रतिदिन 4-5 लाख वाहन सड़कों से हटेंगे, जिससे ईंधन की बचत और ट्रैफिक में राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुंबई में देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क आकार ले रहा है, जो पूरी तरह नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार, मेट्रो परियोजना पूर्ण होने पर सड़कों पर यातायात 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।




