
ठाणे। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ठाणे शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 520 ग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब ₹3.04 करोड़ बताई गई है। पुलिस ने मामले में 30 वर्षीय सलमान मुन्ना शेख को गिरफ्तार किया है। ड्रग्स के साथ ऑटो-रिक्शा, नकदी और मोबाइल फोन सहित कुल ₹3,05,05,260 की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच यूनिट-1 को अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस इंस्पेक्टर अमोल वालज़ादे के नेतृत्व में टीम ने 26 जुलाई 2026 की रात करीब 10:30 बजे ठाणे जिले के कल्याण फाटा पब्लिक रोड पर सिटिज़न केयर हॉस्पिटल के पास जाल बिछाया। इसी दौरान पुलिस टीम ने MH-04-MT-3662 नंबर के एक ऑटो-रिक्शा को संदेह के आधार पर रोका। पुलिस ने वाहन और उसमें मौजूद संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली तो कथित तौर पर अवैध बिक्री के लिए रखी गई 1 किलो 520 ग्राम मेफेड्रोन (MD) पाउडर बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सलमान मुन्ना शेख (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह मुंब्रा बाईपास रोड स्थित सैनिक नगर इलाके का निवासी है। बरामद मेफेड्रोन की कीमत करीब ₹3,04,00,000 आंकी गई है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ऑटो-रिक्शा, नकदी और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पूरी कार्रवाई में जब्त संपत्ति की कुल कीमत ₹3,05,05,260 बताई गई है। इस संबंध में शिल दाइघर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 395/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की धारा 8(c), 22(c) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 31 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन आरोपी के पास कहां से आया, इसकी सप्लाई किसे की जानी थी और इस कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। मामले की जांच क्राइम ब्रांच यूनिट-1 के सहायक पुलिस निरीक्षक प्रकाश शिरसाट कर रहे हैं। पुलिस आरोपी के संपर्कों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि ड्रग्स के स्रोत से लेकर अंतिम खरीदार तक की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके। यह कार्रवाई ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, संयुक्त पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) डॉ. पंजाबराव उगले, पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमरसिंह जाधव और सहायक पुलिस आयुक्त शेखर बागड़े के मार्गदर्शन में की गई। ₹3 करोड़ से अधिक की एमडी बरामदगी के बाद पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि आरोपी अकेले ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है। जांच में सामने आने वाले संपर्कों के आधार पर मामले में अन्य गिरफ्तारियां होने की संभावना भी जताई जा रही है।

