
मुंबई। महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों की पहचान केवल राज्य और देश तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए आधुनिक मार्केटिंग, डिजिटल ब्रांडिंग और व्यापक प्रचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने पर्यटन विभाग को आधुनिक तकनीक और नए प्रचार माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल कर महाराष्ट्र के पर्यटन ब्रांड को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सह्याद्री अतिथि गृह में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के वित्त वर्ष 2025-26 के मार्केटिंग और ब्रांडिंग कार्यों की समीक्षा तथा 2026-27 की कार्ययोजना को लेकर आयोजित बैठक में पर्यटन मंत्री देसाई ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए। बैठक में पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय खंदारे, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल के प्रबंध निदेशक नीलेश गटणे, पर्यटन संचालनालय के निदेशक मंगेश जोशी, उपसचिव संतोष रोकडे, उपसचिव विजय पोवार, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल के महाप्रबंधक चंद्रशेखर जयस्वाल, संयुक्त निदेशक संतोष जाधव, सहायक निदेशक रवींद्र पवार, सुशील पवार और कार्यकारी अभियंता आकाश चकोर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डिजिटल माध्यमों से देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचेगा महाराष्ट्र
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा चलाए गए मार्केटिंग और ब्रांडिंग अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही 2026-27 में पर्यटन के प्रचार-प्रसार, डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग, नवीन मार्केटिंग अवधारणाओं और राज्य के पर्यटन क्षेत्र को व्यापक पहचान दिलाने के लिए तैयार की जाने वाली कार्ययोजना पर चर्चा हुई। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र की पर्यटन पहचान को मजबूत करने के लिए केवल पर्यटन स्थलों का प्रचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि राज्य की समृद्ध पारंपरिक खाद्य संस्कृति, लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रभावी ढंग से देश और विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने इन विशेषताओं को महाराष्ट्र की पर्यटन पहचान से जोड़कर व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने का लक्ष्य
शंभूराज देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अधिक प्रमुख स्थान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल और संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नवीन प्रचार अभियानों के माध्यम से महाराष्ट्र के पर्यटन ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं। उन्होंने आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और महाराष्ट्र की विविध पर्यटन एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने पर जोर दिया।


