
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और समावेशी मानव विकास के पांच प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह बात राष्ट्रपति भवन स्थित सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में कही, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।मुख्यमंत्री ने बताया कि देश की जीडीपी में लगभग 14 प्रतिशत योगदान देने वाला महाराष्ट्र देश की आर्थिक शक्ति का प्रमुख केंद्र है। राज्य सरकार ने ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ विज़न दस्तावेज तैयार किया है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर, 2035 तक 2 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा गया है। आकांक्षी जिलों की संख्या 4 से बढ़ाकर 10 तथा आकांक्षी तालुकों की संख्या 27 से बढ़ाकर 177 की गई है।शिक्षा क्षेत्र में महाराष्ट्र ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को व्यापक रूप से लागू करने वाला देश का पहला राज्य होने का दावा किया है। राज्य में बहुविषयक शिक्षा, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट प्रणाली, कौशल आधारित पाठ्यक्रम, इंटर्नशिप तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास देश की पहली वैश्विक स्तर की एज्युसिटी विकसित की जा रही है।पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए ‘पोषण भी–पढ़ाई भी’, आरंभ, स्मार्ट आंगनवाड़ी और सक्षम आंगनवाड़ी जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं। राज्य में 2.08 करोड़ से अधिक अपार आईडी तैयार की जा चुकी हैं और विद्यालय छोड़ने वाले छात्रों की संख्या शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है।कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में महाराष्ट्र राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना में देश में पहले स्थान पर है। राज्य में 3.3 लाख से अधिक प्रशिक्षु पंजीकृत हैं। महाराष्ट्र स्टार्टअप, उद्यमिता एवं नवाचार नीति 2025 के तहत अगले पांच वर्षों में 1.25 लाख उद्यमी तैयार करने और 50 हजार स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। एआई, डीप-टेक, फिनटेक और सतत विकास आधारित तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा महाराष्ट्र इनोवेशन सिटी विकसित की जा रही है।स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने आयुष्मान भारत और महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना के अंतर्गत उपचार पैकेजों की संख्या बढ़ाकर 2,399 कर दी है। राज्य के 4,537 अस्पताल इन योजनाओं से जुड़े हैं। शहरी क्षेत्रों के लिए अलग स्वास्थ्य आयुक्तालय स्थापित किया गया है तथा 11 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है। मेडिसिटी परियोजना के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है।महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उमेद अभियान के अंतर्गत राज्य में 50 लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार हो चुकी हैं और उनकी संख्या 1 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वहीं मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना के तहत वर्तमान में 1.66 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।सामाजिक समावेशन के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांगों के लिए शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों के लिए 100 नए छात्रावास बनाए जाएंगे, जिनमें 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों की व्यवस्था होगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र ने 800 से अधिक नागरिक एवं व्यावसायिक सेवाओं की प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। महाराष्ट्र एआई नीति 2026 के तहत 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने और 1.5 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि क्षेत्र में महाअॅग्री-एआई, महाअॅगएक्स और महाट्रेस जैसे डिजिटल उपक्रम शुरू किए गए हैं।गड़चिरोली जिले के लिए विशेष विकास योजना लागू की जा रही है, जिसके तहत बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़चिरोली को देश के पहले बड़े एकीकृत स्टील हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।पर्यटन क्षेत्र में सिंधुदुर्ग और नाशिक को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि पूरे राज्य में 100 पर्यटन उप-परिपथ तैयार किए जाएंगे। महाराष्ट्र में वर्तमान में 63.85 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ कार्यरत हैं, जो 2.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। देश में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगभग 31 प्रतिशत महाराष्ट्र को प्राप्त होता है। राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत 20.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश की पाइपलाइन तैयार की गई है।मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार और सभी राज्यों के सहयोग से महाराष्ट्र विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और देश को समृद्ध, आत्मनिर्भर तथा न्यायपूर्ण राष्ट्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।



