
मुंबई। महाराष्ट्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की अतिरिक्त सचिव एवं प्रबंध निदेशक आराधना पटनायक (आईएएस) से मुलाकात की। यह बैठक वर्ष 2026-27 के कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (PIP) के तहत निधि स्वीकृति तथा अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग को लेकर आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए पात्र बच्चों की आयु सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष तक करने के प्रस्ताव को सिद्धांततः मंजूरी दी गई। इस निर्णय से राज्य के अधिक संख्या में श्रवण बाधित बच्चों को योजना का लाभ मिल सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक पहुंचाने में आशा स्वयंसेविकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके ऑनलाइन रिकॉर्ड, रिपोर्टिंग और डिजिटल स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यों को सुगम बनाने के लिए उन्हें मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन मानधन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से समयबद्ध निधि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, परिवार नियोजन कार्यक्रम, तथा क्षयरोग उन्मूलन के लिए निक्षय योजना के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) समय पर प्राप्त हो, इसके लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत विभिन्न नवोन्मेषी स्वास्थ्य परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानधन भुगतान हेतु अनुदान समय पर उपलब्ध कराने तथा बुनियादी ढांचा विकास से संबंधित लंबित देयकों को जल्द मंजूरी देने पर भी जोर दिया गया। बैठक में महाराष्ट्र की निदान सेवाओं (Diagnostic Services) को और अधिक मजबूत बनाने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा पीएम-एभीम (PM-ABHIM) योजना के तहत क्रिटिकल केयर यूनिट्स और एकीकृत सार्वजनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार जनहितकारी स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार का आवश्यक सहयोग प्राप्त होगा।बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।



