
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार की मानव संसाधन व्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘महा ई-एचआरएमएस’, ‘महा-आईएएस’ और ‘मेंटॉर मेंटी पोर्टल’ का शुभारंभ किया। सोमवार को सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में आयोजित कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट सहायक ‘जिज्ञासा’ के साथ देश का पहला स्वचालित मॉड्यूल भी शुरू किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र ने मानव संसाधन प्रबंधन में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं और राज्य डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में देश के सामने एक नई मिसाल पेश कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘महा ई-एचआरएमएस’ गतिशील प्रशासन का नया चेहरा बनेगा।
नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक की प्रक्रिया होगी डिजिटल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से कागजी प्रक्रियाओं और पारंपरिक कार्यप्रणाली में उलझे हुए हैं। सरकारी प्रक्रिया पुनर्रचना (जीपीआर) के तहत अब इन प्रक्रियाओं को सरल, तेज और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। ‘महा ई-एचआरएमएस’ के माध्यम से 1935 से चली आ रही भौतिक सेवापुस्तक की जगह डिजिटल ई-सेवा पुस्तक उपलब्ध होगी। ई-ऑर्डर मॉड्यूल से जारी होने वाले प्रत्येक आदेश के आधार पर संबंधित सेवा रिकॉर्ड स्वत: अपडेट होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को एसएमएस या ई-मेल के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं भी मिलेंगी।
पदोन्नति प्रक्रिया में भी आएगी तेजी
इस प्रणाली से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है। नियुक्ति आदेश से लेकर सेवानिवृत्ति से जुड़े दस्तावेजों तक पूरी सेवा व्यवस्था डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए काम के प्रति उत्साह और प्रेरणा महत्वपूर्ण है। पदोन्नति भी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरक तत्व है और नई डिजिटल व्यवस्था से इससे जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
पहले चरण में आईएएस अधिकारी शामिल
अपर मुख्य सचिव (सेवा) वी. राधा ने बताया कि योजना के पहले चरण में राज्य के आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। अगले चरण में राज्य सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। प्रणाली में सरकार के 42 विभागों की 123 आस्थापनाओं में लागू विभिन्न नियमों और कार्यप्रणालियों का एकीकरण किया गया है।
‘जिज्ञासा’ देगा सेवा नियमों की जानकारी
‘जिज्ञासा’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट सहायक है। इसे आईएएस और एआईएस सेवाओं से संबंधित नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से अधिकारियों को सेवा रिकॉर्ड, लागू सेवा नियमों, अनुमन्य सुविधाओं और अन्य सेवा संबंधी मामलों की जानकारी और मार्गदर्शन मिल सकेगा। वहीं, ‘मेंटॉर मेंटी पोर्टल’ के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के क्षेत्रीय अनुभव, प्रशासनिक कौशल और संस्थागत ज्ञान को कनिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
मोबाइल ऐप से वेतन पर्ची और छुट्टी का आवेदन
ईएचआरएमएस मोबाइल ऐप के माध्यम से अधिकारी और कर्मचारी कहीं से भी वेतन पर्ची देख सकेंगे, उपस्थिति की जानकारी जांच सकेंगे और छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि ‘महा ई-एचआरएमएस’ लागू होना राज्य की शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी नीति की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है और डिजिटल व्यवस्था से प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा।
कई डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया
राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के महाराष्ट्र राज्य घटक ने इस सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल मानव संसाधन प्लेटफॉर्म को विकसित किया है। इसे ई-ऑफिस, आईगॉट कर्मयोगी, महापार, सेवार्थ, एनपीएस, डिजिलॉकर, भाषिणी, ई-कैबिनेट सहित विभिन्न राज्य और राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर, कौशल, रोजगार, नवाचार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

