
सिडको और AIEF के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, खारघर में बनेगा अफ्रीका-भारत व्यापार केंद्र
मुंबई। महाराष्ट्र में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार की उपस्थिति में सिडको और अफ्रीका इंडिया इकॉनॉमिक फाउंडेशन (AIEF) के बीच अफ्रीका-भारत समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। गुरुवार को मंत्रिमंडल सभागार में आयोजित इस बैठक में नगर विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, सिडको के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विजय सिंघल, सह-प्रबंध निदेशक शांतनु गोयल, AIEF के अध्यक्ष डॉ. जी. रथिनवेलू और संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व राजदूत टी.एस. तिरुमूर्ति सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
खारघर में विकसित होगा अफ्रीका-भारत अंतरराष्ट्रीय विकास क्षेत्र
सिडको द्वारा नवी मुंबई के खारघर स्थित इंटरनेशनल कॉर्पोरेट पार्क में अफ्रीका-भारत अंतरराष्ट्रीय विकास क्षेत्र (AIIDZ) विकसित किया जाएगा। यह परियोजना भारत और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाला एक वैश्विक केंद्र बनेगी। करीब 20 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना में कमर्शियल टॉवर, कन्वेंशन सेंटर, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट, सांस्कृतिक केंद्र और रिटेल हब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना अगले पांच से छह वर्षों में पूरी तरह कार्यान्वित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री फडणवीस बोले — “महाराष्ट्र को मिलेगा वैश्विक पहचान”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अफ्रीका-भारत व्यापार केंद्र महाराष्ट्र को भारत-अफ्रीका संबंधों के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना व्यापार, निवेश, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर पैदा करेगी तथा ग्लोबल साउथ में भारत की भूमिका को और मजबूत बनाएगी।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया विश्वस्तरीय परियोजना
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि खारघर में बनने वाला यह अंतरराष्ट्रीय विकास क्षेत्र वैश्विक व्यापारिक संबंधों को गति देने वाली विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र में इसकी रणनीतिक स्थिति इसे अंतरराष्ट्रीय निवेश और व्यापार के लिए आदर्श केंद्र बनाएगी।
MSME और रोजगार को मिलेगा बड़ा लाभ
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि यह परियोजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए नए अवसर पैदा करेगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और वैश्विक निवेश आकर्षित होगा।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
- 54 अफ्रीकी देशों और भारतीय हितधारकों के लिए स्थायी कार्यालय
- 2.5 लाख वर्ग फुट का प्रदर्शनी क्षेत्र
- 5,000 से 6,000 क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर
- होटल और सर्विस्ड अपार्टमेंट
- सांस्कृतिक एवं रिटेल हब
- अफ्रीका-इंडिया बायो डोम
- वर्षभर 250 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने की योजना
मुंबई बनेगा ग्लोबल साउथ का प्रवेशद्वार
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और जेएनपीटी बंदरगाह के निकट स्थित यह परियोजना मुंबई को एशिया और ग्लोबल साउथ के प्रमुख आर्थिक प्रवेशद्वार के रूप में स्थापित करेगी। परियोजना से विदेशी निवेश, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित गांधी-मंडेला कन्वेंशन सेंटर भारत और अफ्रीकी देशों के बीच सांस्कृतिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करेगा। यह पहल भारत को अफ्रीका के विश्वसनीय और रणनीतिक भागीदार के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी।




