
31,956 खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं को मंजूरी, 56 प्रतिशत परियोजनाओं की लाभार्थी महिलाएं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महाराष्ट्र को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित समारोह में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के हाथों आईएएस अधिकारी श्रीधर डूबे पाटील ने राज्य की ओर से यह पुरस्कार स्वीकार किया। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान महाराष्ट्र के किसानों, महिलाओं, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, सूक्ष्म उद्यमियों और कृषि विभाग की अथक मेहनत का परिणाम है। इस सम्मान के बाद कृषि उत्पादों का अधिक से अधिक मूल्यवर्धन कर किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। समारोह में निदेशक विनयकुमार आवटे और पीएमएफएमई के स्टेट लीड मैनेजर अमोल चिद्रावर भी उपस्थित थे।
महाराष्ट्र में 31,956 परियोजनाओं को मंजूरी
पीएमएफएमई योजना के तहत महाराष्ट्र में 31,956 प्रसंस्करण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 17,941 परियोजनाओं की लाभार्थी महिलाएं हैं, जो कुल परियोजनाओं का करीब 56 प्रतिशत है। इसके अलावा 522 समूह परियोजनाओं और 75 साझा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत क्रमशः करीब 2,893 करोड़ रुपये, 36 करोड़ रुपये और 216 करोड़ रुपये है। अब तक 25,007 व्यक्तिगत, 388 समूह और 25 साझा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अनुदान वितरित किया जा चुका है। अनुदान वितरण के मामले में महाराष्ट्र ने देश में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। योजना के तहत 47 हजार से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, जिसे देश में सर्वाधिक प्रदर्शन में शामिल बताया गया है।
स्वयं सहायता समूहों को 221.77 करोड़ की सहायता
‘बीज पूंजी’ के तहत स्वयं सहायता समूहों के 61,323 सदस्यों को 221.77 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। योजना के माध्यम से कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और उन्हें बाजार से जोड़ने को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत करीब 3,155 करोड़ रुपये है और पीएमएफएमई के तहत 715 करोड़ रुपये का अनुदान मंजूर किया गया है। इन परियोजनाओं से करीब 2.64 लाख प्रत्यक्ष रोजगार और 7.92 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही 17.79 लाख मीट्रिक टन की प्रसंस्करण क्षमता विकसित हो रही है।
देश के टॉप-10 में महाराष्ट्र के सात जिले
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया कि पीएमएफएमई योजना के तहत देश के 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में महाराष्ट्र के सात जिलों ने जगह बनाई है। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय तथा सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। पीएमएफएमई योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्रपति संभाजीनगर और अहिल्यानगर जिलों को भी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्रपति संभाजीनगर के जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी दीपक गवली और अहिल्यानगर के जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी सुधाकर बोराळे ने पुरस्कार स्वीकार किए। छत्रपति संभाजीनगर के जिला संसाधन व्यक्तियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम और द्वितीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
ग्रामीण और शहरी आजीविका अभियान में भी महाराष्ट्र का उत्कृष्ट प्रदर्शन
ग्रामीण और शहरी आजीविका अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन में भी महाराष्ट्र ने बड़े राज्यों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (MSRLM) और महाराष्ट्र राज्य शहरी आजीविका अभियान (SULM) को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। दत्तात्रय भरणे ने कहा कि पीएमएफएमई योजना ने महाराष्ट्र के नए उद्यमियों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्योग, रोजगार और कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है। किसान, महिलाएं, युवा और उद्यमी नई आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रहे हैं, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।


