
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल के बाद अब देश “विकसित भारत 2047” की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें महाराष्ट्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विज़न में महाराष्ट्र अकेले 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देगा। समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद सभापति राम शिंदे, मुंबई की महापौर रितू तावडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस दौरान संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और श्रमिकों के योगदान को भी याद किया गया।
गुंतवणूक और रोजगार में बड़ा उछाल
राज्यपाल ने बताया कि महाराष्ट्र ने वैश्विक निवेशकों का विश्वास जीता है। विश्व आर्थिक मंच में 31 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौते हुए हैं। राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत 70.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष ‘एफडीआई सेल’ भी स्थापित किया गया है।
पायाभूत सुविधाओं का विस्तार
राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए पीपीपी नीति 2026 लागू की गई है। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश का नया प्रवेश द्वार बताया गया। मुंबई में मुंबई मेट्रो लाइन 3 पूरी तरह चालू हो चुकी है, जबकि 340 किमी जलमार्ग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। पालघर का वधावन बंदरगाह देश का सबसे बड़ा बंदरगाह बनने की ओर अग्रसर है, जिससे लाखों रोजगार उत्पन्न होंगे।
कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियां
कृषि क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक किसानों को 15,950 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं, सौर ऊर्जा क्षेत्र में 45,911 सोलर पंप स्थापित कर राज्य ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में दर्ज की गई है। ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी विज्ञान वारी’ के तहत छात्रों को इसरो और नासा जैसी संस्थाओं का दौरा करने का अवसर मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी वैश्विक तकनीक से जुड़ सकेंगे।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
‘उमेद’ अभियान के तहत राज्य में 40 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपती दीदी’ बन चुकी हैं। 64 लाख परिवारों को 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, आवास, वनाधिकार और सामाजिक योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त किया जा रहा है।
स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार
‘माझं गाव, आरोग्य संपन्न गाव’ अभियान के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। एक करोड़ से अधिक महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई है। इसके अलावा, सरकारी सेवाओं को सरल बनाने के लिए 18 प्रमुख सेवाओं को डिजिटाइज किया गया है और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा रहा है।
कुंभमेले की तैयारी और सांस्कृतिक पहचान
सिंहस्थ कुंभ मेला के लिए विशेष प्राधिकरण का गठन किया गया है, जिससे इसे वैश्विक स्तर पर आयोजित किया जा सके। वहीं, मराठी भाषा के संवर्धन के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सलेंस’ स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। समापन में, राज्यपाल ने कहा कि “विकसित महाराष्ट्र 2047” का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही संभव होगा।




